लोस चुनाव से पहले हक नहीं मिला, तो भाजपा का बहिष्कार
सिर्फ चुनावों के समय आती है पौंग विस्थापितों की याद : समिति
अमर उजाला ब्यूरो
जवाली (कांगड़ा)। प्रदेश पौंग बांध विस्थापित समिति की बैठक जवाली में उपाध्यक्ष प्यारे लाल चौधरी की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार पौंग विस्थापितों को जिला श्रीगंगानगर में आरक्षित भूमि आवंटित नहीं कर रही है, जिससे विस्थापितों को 45 साल बाद भी उनका हक नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि जिला श्रीगंगानगर में विस्थापितों के लिए 2.20 लाख एकड़ जमीन आरक्षित की गई थी, जिस पर भू-माफिया ने कब्जा कर रखा है और अधिकतर पर नाजायज कब्जे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से विस्थापितों को जिन जगहों पर मुरब्बे दिए जा रहे हैं, वहां पर कोई मूलभूत सुविधा नहीं है। न तो सड़क सुविधा है और न ही अस्पताल, स्कूल और पानी की सुविधा है। उन्होंने कहा कि बार्डर के साथ विस्थापितों को मुरब्बे दिए जा रहे हैं तथा वहां पर जाने के लिए परमिशन लेनी पड़ती है। हंस राज चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी विस्थापितों को उनका हक दिलवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकारों को तो विस्थापितों की याद चुनावों के समय ही आती है और सत्तासीन होने के उपरांत विस्थापितों के हकों की आवाज को नहीं उठाया जाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार राजस्थान सरकार को विस्थापितों को जिला श्रीगंगानगर में मुरब्बे आवंटित करने की बात को जोरदार ढंग से उठाए, ताकि विस्थापितों को उनका हक मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने ऐसा नहीं किया तो लोकसभा चुनाव में भाजपा का बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर उत्तम चंद, अनिल कुमार नागर, रामपाल वर्मा, मदन लाल चौधरी, सुरेंद्र कुमार, राकेश कुमार, रविंद्र कुमार, सुशील कुमार, रजनीश कुमारी, सुकन्या देवी, माया देवी, राज कुमारी, सरला देवी आदि उपस्थित रहे।