बैजनाथ (कांगड़ा)। भाजपा प्रत्याशी मुलख राज प्रेमी ने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले बैजनाथ के किले को रिकॉर्ड मतों से जीतकर ध्वस्त कर दिया। पहली बार विस की दहलीज पर पहुंचे प्रेमी ने 15 वर्षों से खाली चल रही भाजपा की झोली को भर दिया।
2012 के चुनावों में कांग्रेस के किशोरी लाल और उससे पूर्व 2007 और 2002 में सुधीर शर्मा विजय रहे हैं, जबकि छह बार उनके पिता स्वर्गीय संत राम कांग्रेस के विधायक रहे हैं। अब तक 57 वर्षों के इतिहास में मात्र दो बार भाजपा के दूलो राम यहां से भाजपा का परचम लहराने में सफल हो सके हैं। 12,669 मतों से जीत का यह आंकड़ा अब तक सबसे अधिक है। प्रेमी ने कांग्रेस के किशोरी लाल को एक भी राउंड में आगे नहीं बढ़ने दिया और कांग्रेस 105 बूथों में से मात्र आधा दर्जन बूथों में ही आगे रहने में कामयाब रही। छोटा भंगाल से लेकर धार क्षेत्र तक भाजपा का पलड़ा भारी रहा। वहीं, 2012 के चुनावों में कांग्रेस 6161 मतों से विजय हुई थी और इस बार उलटफेर कर यह आंकड़ा भाजपा के पक्ष में दोगुना हो गया। प्रेमी को उनके गांव धानग में सबसे अधिक मत प्राप्त हुए हैं, जबकि पहले राउंड से पीछे हुए कांग्रेस के किशोरी लाल अपने गृह क्षेत्र बैजनाथ में ही पिछड़ गए। जीत का अंतर धीरे-धीरे बढ़ता गया। अंत में यह आंकड़ा ऐतिहासिक रहा। उधर, मंडल भाजपा अध्यक्ष का कहना है कि पार्टी ने 14 हजार से जीतने का अनुमान लगाया था और हम जनता के आशीर्वाद से उसके आस-पास पहुंचने में सफल हुए।