फोरलेन का सर्वे बदलने पर
भड़ोली के ग्रामीणों में गुस्सा
रसूखदारों के लिए सर्वे बदलने का लगाया आरोप
बोले, समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन की राह अपनाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। शिमला-मटौर फोरलेन के सर्वे को बदलने से ज्वालामुखी उपमंडल के भड़ोली गांव के लोगों में आक्रोश है। इसके लिए सरकार की ओर से किए जाने वाले सर्वेक्षण पर गांववासियों ने कई प्रकार के प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं और असंतुष्टि जाहिर की है। गांववासियों उत्तम सिंह, मिलाप सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र, महिंद्र, परवीन, सौरभ राणा, बलबीर राणा, मीरा देवी, वीना देवी, बनीता देवी, संजीव कुमार, दिनेश, सोनू राणा, विजेंद्र, भगवान दास, हेमराज, निर्मल, करनैल सिंह, संजय, नवजोत, नवदीप और मंजीत ने कहा है कि फोरलेन का सर्वे अचानक बदल दिया गया है। पहले फोरलेन एनएच 88 से होकर गुजर रहा था, जिस पर किसी को भी ऐतराज नहीं था, अब कुछ रसूखदारों ने मिलीभगत कर सर्वे को अचानक से बदल दिया गया। अब सर्वे ठेहड़ा से भड़ोली गांव तक बदल दिया गया है, क्योंकि इस सर्वे में उनकी उपजाऊ भूमि जा रही है। गांववासियों ने कहा कि कुछ ग्रामीणों ने पहले सर्वे के आधार पर दूसरी जगह मकान बनाए थे, अब एकाएक सर्वे बदलने के कारण उनका दूसरा मकान भी सर्वे में जा रहा है, जिस वजह से ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बताया जा रहा है कि फोरलेन की दूरी कम करने के लिये सर्वे को बदला जा रहा है, लेकिन सच तो यह है कि इस सर्वे के बदलने के कारण दूरी और बढ़ जाएगी और फोरलेन बनने से दोनों तरफ 50-50 मीटर की दूरी भी छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जल्द समस्या का हल न हुआ आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
18 को निकालेंगे शांति मार्च
ग्रामीणों ने कहा है कि वे 18 नवंबर रविवार को फोरलेन के सर्वे को बदलने के विरोध में भड़ोली चौक में पहले शांति मार्च निकालेंगे, जिसमें सैकड़ों गांववासी शामिल होंगे। इसके लिए उन्होंने थानाध्यक्ष ज्वालामुखी को भी सूचित कर दिया है। ग्रामीणों ने चेताया है कि अगर उनकी समस्या का हल न हुआ तो वे शांति मार्च के बाद आंदोलन की राह अपनाएंगे।