कांगड़ा। बिना कानूनी प्रक्रिया के सौंपी गई बच्ची अब अपने असली माता-पिता के पास ही रहेगी। बच्ची को पुलिस ने वीरवार को टीएमसी में तैनात एक कर्मचारी के क्वार्टर से बरामद कर लिया था।
शुक्रवार को जिला बाल संरक्षण कमेटी ने आदेश दिया है कि बच्ची का पालन-पोषण उसके असली माता-पिता ही करेंगे। इतना ही नहीं, बच्ची के पालन-पोषण संबंधी व्यवस्थाओं को देखने के लिए संबंधित विभाग के कर्मचारी भी समय-समय पर निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। शुक्रवार को भी पुलिस ने अस्पताल परिसर में दस्तावेजों को खंगालने के साथ-साथ ब्यान भी कलमबद्ध किए हैं। शुक्रवार को जिला बाल संरक्षण कमेटी तथा कांगड़ा पुलिस की टीम ने अस्पताल में मामले के संबंध में साक्ष्य जुटाए। बच्ची का मेडिकल भी अस्पताल में करवाया। कमेटी ने पुलिस की मौजूदगी में बच्ची के असली माता-पिता के पहचान पत्र भी अन्य दस्तावेजों की जांच की। दस्तावेजों की जांच के आधार पर कमेटी ने आदेश दिए हैं कि बच्ची को उसके असली माता-पिता को ही सौंपा जाएगा। बाकायदा महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी समय-समय पर घर का दौरा कर इसकी रिपोर्ट देंगे। वहीं चिल्ड्रन वेलफेयर कमेटी कांगड़ा के चेयरमैन हर्षवर्द्धन वैद्य ने बच्ची को उसके असली माता-पिता के सुपुर्द करने के आदेश दिए जाने की पुष्टि की है।