एसटी छात्रावास में सरकारी विभाग
संचालित करने पर होगी कार्रवाई
दोषी अधिकारियों के खिलाफ आयोग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
आयोग की उपाध्यक्ष ने नूरपुर छात्रावास का किया दौरा
अमर उजाला ब्यूरो
जसूर (कांगड़ा)। जनजातीय छात्रावास नूरपुर में सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित करने के मामले में जनजातीय आयोग जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। मामला जनजातीय आयोग के विचाराधीन है।
अखिल भारतीय गद्दी जनजातीय विकास समिति की मांग पर आयोग ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जवाब मांगा था। शनिवार को जनजातीय आयोग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुसूया उईके ने जनजातीय छात्रावास भवन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि छात्रावास में सरकारी विभागों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में आयोग जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
अखिल भारतीय गद्दी जनजातीय विकास समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मदन भरमौरी ने आयोग की उपाध्यक्ष अनुसूया उईके को बताया कि जनजातीय छात्रों के लिए आठ साल पहले छात्रावास बनाया गया था। भवन में नापतोल विभाग, नशा निवारण, पशुपालन विभाग कार्यालय और प्रदूषण बोर्ड का कार्यालय है, जबकि अब तक किसी भी जनजातीय छात्र को इस भवन में ठहरने की सुविधा नहीं मिल पाई है। इससे जनजातीय छात्रों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संदर्भ में कई बार सरकार से मांग उठाई गई है, लेकिन अभी तक इस भवन से सरकार ने कार्यालयों को हटाकर छात्रावास नहीं बनाया गया है। सात जनवरी 2018 को आयोग के चेयरमैन नंद कुमार साही को भी लिखित शिकायत सौंपी गई थी। इस पर 31 मार्च 2018 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। विभाग के इस जवाब से जनजातीय समिति संतुष्ट नहीं है।