धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला नगर परिषद से नगर निगम और उसके बाद स्मार्ट सिटी तो बन गई, लेकिन अभी तक कोई नई डंपिंग साइट विकसित नहीं हो पाई है। नगर निगम पुरानी डंपिंग साइट के सहारे काम चला रहा है, जहां पर कूड़ा-कचरा प्रबंधन के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। नगर निगम पूरे धर्मशाला के 18 वार्डों का कूड़ा-कचरा सुधेड़ पंचायत में बनी डंपिंग साइट पर फेंकता है। इसके अलावा ठोस कूड़ा-कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर परिषद धर्मशाला को नगर निगम का दर्जा मिले दो साल होने वाले हैं लेकिन अभी तक नई डंपिंग साइट को विकसित करने के लिए कोई योजना नहीं है। वर्ष 1995 में नगर परिषद धर्मशाला ने सुधेड़ पंचायत में डंपिंग साइट स्थापित की है। उस समय नगर परिषद के 13 वार्डों का कूड़ा वहां फेंका जाता था, लेकिन 23 साल बाद अब जब नगर परिषद से धर्मशाला नगर निगम बन गया है, तब भी उसी डंपिंग साइट का प्रयोग हो रहा है। इतने वर्षों में कोई नई डंपिंग साइट नहीं बनाई गई है।
बड़ोई के पास देखी जगह : महापौर
नगर निगम धर्मशाला की महापौर रजनी ब्यास ने कहा कि डंपिंग साइट के लिए स्थान न मिलने के कारण समस्या आई है। अब बड़ोई के पास नई डंपिंग साइट के लिए स्थल देखा है। जल्द ही उस स्थान को फाइनल कर नई डंपिंग साइट विकसित की जाएगी।
डंपिंग साइट का 10 साल पहले भी हुआ है विरोध
सुधेड़ पंचायत में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट का लोगों ने 10 साल पहले भी विरोध किया था, लेकिन प्रशासन और तत्कालीन नगर परिषद के नुमाइंदों ने लोगों के विरोध के बावजूद कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई थी। पंचायत प्रधान सपना देवी, उपप्रधान पवन कुमार, रजनी शर्मा, रविंद्र शर्मा, अनिल शर्मा, सोनी कुमार व प्रदीप कुमार ने कहा कि अब इस स्थान पर कोई डंपिंग नहीं होनी चाहिए। कचरे का सही निष्पादन न होने के कारण पंचायत के लोगों को भारी दिक्ततों का सामना करना पड़ रहा है।