सीएम की घोषणा का विज्ञान अध्यापक संघ ने किया विरोध
प्रधानाचार्य पदोन्नति के कोटे को घटाने पर जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
गुलेर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ जिला कांगड़ा ने मुख्यमंत्री की उस घोषणा का कड़ा विरोध किया है, जिसमें मुख्य अध्यापक और प्रवक्ता वर्ग से प्रधानाचार्य पदोन्नति के कोटे को 50:50 से घटाकर 40:60 किया है। संघ ने कहा कि यह लगभग 28 हजार स्नातक वर्ग के साथ कुठाराघात है। मात्र तीन हजार प्रवक्ताओं को खुश करने के लिए सरकार इतने बड़े वर्ग की अनदेखी करने जा रही है।
संघ ने चेताया कि अगर सरकार इस घोषणा को वापस नहीं लेती है तो संपूर्ण स्नातक वर्ग संघर्ष का बिगुल बजा देगा। सरकार उस वर्ग की अनदेखी कर रही है जो स्कूलों का सबसे अधिक भार उठाए हुए है। उन्होंने कहा कि स्नातक वर्ग की संख्या को देखते हुए सरकार को पदोन्नति कोटा इस वर्ग के हित में 70:30 करना चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुखजिंदर सिंह गुलेरी, राज्य संघर्ष समिति अध्यक्ष अशोक चौधरी, जगमोहन पठानिया, घनश्याम दास, सुनील राजपूत, राज कुमार, अशोक कुमार, विनय कुमार, केवल सिंह, राजेश धीमान, आशु धीमान, सुनील धीमान, राजीव शर्मा, धनवीर सिंह, यशपाल सिंह, राकेश सूद, हमीर चंद, वीरेंद्र गुलेरी, विकास चंद, मनजीत सिंह, राकेश चनोरिया, राकेश शर्मा, पूर्व प्रधान मनोहर चौधरी, अश्विनी नाग, ध्रुव पटियाल, हरि सिंह, राजेश कटोच, बृजभूषण, विजय उप्पल, कुलदीप, दिनेश पठानिया, चमन धीमान, मिलंत डोगरा आदि उपस्थित रहे।