अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के अस्थायी सेवाओं को वरिष्ठता के लाभों में लेने के आदेश को लागू करने की मांग उठाई है। संघ का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में इसे लागू क्यों नहीं किया जाता। प्रदेश के करीब तीस हजार कर्मचारी इन लाभों को मिलने की राह देख रहे हैं। क्योंकि, बजट में इस बार फिर इन लाभों का प्रावधान नहीं किया गया है।
राजकीय अध्यापक संघ पंचरुखी ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण कुमार, बलदेव सिंह, शेलेंद्र सूद, चरणजीत सिंह संधू, समीर पटियाल, संतोष, बिंदु राणा, रविंद्र शर्मा, अरुण कानूनगो और अनिल पटियाल ने कहा कि 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के अनुबंध समय की गणना वरिष्ठता लाभों के लिए करने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी भी इन आदेशों को प्रदेश के कर्मचारियों पर लागू नहीं किया गया है। इससे विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब तीस हजार कर्मचारी प्रमोशन जैसे लाभों से वंचित हैं। इसके लिए वर्तमान सरकार से कई बार आग्रह भी किया। बावजूद इसके सुनवाई नहीं हुई। कर्मचारियों को आस थी कि बजट सत्र में इस मांग को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन, एक बार फिर से यह मांग अधूरी रही है। इससे 2014 में जेबीटी से प्रोमोट शिक्षक कर्मचारी, जो टीजीटी बने थे। पीजीटी की प्रमोशन के हकदार भी बन गए हैं। साथ ही शुरू से ही टीजीटी की पोस्ट पर अनुबंध पर कार्य करने वाले दस साल बाद भी प्रमोशन से वंचित हैं। उनके अनुबंध समय को प्रमोशन के लिए नहीं गिना जा रहा है और ऊपर से पांच साल तक किसी भी तरह की प्रमोशन न करने का रोस्टर लगा रखा है।