धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के सफाई ठेकेदार के कर्मचारियों और डंपिंग साइट में तैनात कंपनी के कर्मियों के विवाद के चलते दूसरे दिन भी सुबह के समय शहर से कूड़ा नहीं उठा। सफाई ठेकेदार के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह भी धर्मशाला शहर के कूड़ादानों और गाड़ियों से कूड़ा नहीं उठाया।
सफाई कर्मी सुबह पहले एमसी कार्यालय पहुंचे और डंपिग साइट में कूड़ा फेंकते समय सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग रखी। इस पर महापौर देवेंद्र जग्गी ने रात के समय एक सुपरवाइजर सफाई कर्मचारियों के साथ डंपिग साइट भेजने की हामी भरी। अब रात के समय जब भी जीप या ट्रक डंपिग साइट पर कूड़ा फेंकने जाएगा, तो एक सुपरवाइजर भी उस समय वहां मौजूद रहेगा। सुपरवाइजर की निगरानी में ही ठेकेदार के सफाई कर्मी डंपिग साइट पर रात को कूड़ा फेंकेंगे। महापौर के आश्वासन के बाद सोमवार शाम के समय सफाई कर्मचारियों ने शहर से कूड़ा उठाना शुरू किया।
डंपिंग साइट पर कूड़ा फेंकने को लेकर हुआ था विवाद
नगर निगम की डंपिंग साइट पर शनिवार देर रात कूड़ा फेंकने को लेकर सफाई ठेकेदार और कूड़ा निष्पादन कंपनी के कर्मचारियों में विवाद हो गया था। इस विवाद में एक जीप और ऑटो के शीशे तक टूट गए थे। उसके बाद सफाई कर्मचारियों ने शहर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया था। महापौर के आश्वासन के बाद सोमवार शाम के समय सफाई कर्मचारियों ने शहर से कूड़ा उठाना शुरू किया।
कोट्स
नगर निगम के महापौर देवेंद्र सिंह जग्गी ने कहा कि अब डंपिंग साइट पर रात के समय जो भी गाड़ी कूड़ा फेंकने जाएगी, उसके साथ वहां पर एक सुपरवाइजर मौजूद रहेगा।