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कोर्ट के आदेशों के बाद भी ओम कुमारी को नहीं मिल रहे आर्थिक लाभ

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कोर्ट के आदेशों के बाद भी नहीं मिले ओम कुमारी को आर्थिक लाभ
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शिक्षा विभाग की फाइलों में घूम रहा ओम कुमारी का मामला
न एडहॉक के तहत लाभ मिला, न यूजीसी मापदंडों के अनुसार पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) धर्मशाला से सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन ओम कुमारी को कोर्ट के आदेशों के बावजूद न ही एडहॉक के आर्थिक लाभ मिल रहे हैं, न ही यूजीसी नियमों के तहत निर्धारित पेंशन मिल रही है। यूजीसी के तहत आर्थिक लाभ न मिलने पर साल 2009 से सेवानिवृत्त ओम कुमारी को आर्थिक हानि झेलनी पड़ रही है। दो अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने उनके हक में फैसले सुनाए हैं, लेकिन इन फैसलों के संदर्भ में मिलने वाले लाभ अभी विभागीय फाइलों में ही घूम रहे हैं।
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सूचना के अनुसार एक मामले में कोर्ट ने सभी सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन को यूजीसी के अनुसार निर्धारित पेंशन देने का निर्णय दिया है। मामले में बाकायदा शिक्षा विभाग ने साल 2017 में आर्थिक लाभ देने के निर्देश जारी किए थे। वहीं, पांच जुलाई 2018 को महालेखाकार विभाग से ओम कुमारी की पेंशन के संबंध में जानकारी मांगी गई। इसके बाद मामला आगे नहीं खिसका है। वहीं दिसंबर 2018 में ट्रिब्यूनल ने ओम कुमारी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें नियमितीकरण से पहले एक साल के एडहॉक पद के आर्थिक लाभ देने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में पांच फरवरी को रावमापा (छात्रा) धर्मशाला स्कूल से उप निदेशक उच्च शिक्षा को ओम कुमारी के मामले में जानकारी प्रेषित की गई, जबकि 25 फरवरी 2019 को उच्च शिक्षा निदेशक को इस संबंध में जानकारी भेजी गई है। मामला अभी इससे आगे नहीं सरक पाया है। उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा गुरदेव सिंह ने बताया कि लाइब्रेरियन से संबंधित आर्थिक मामलों को उच्च शिक्षा निदेशक कार्यालय भेज दिया गया है। विभाग से निर्देश जारी होते ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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