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ईएनटी, मेडिसिन, मनो रोग व चर्म रोग ओपीडी बंद

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सभी विशेषज्ञ छुट्टी पर, इलाज को भटकते रहे मरीज
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धर्मशाला अस्पताल में ईएनटी, मेडिसिन, मनो रोग और चर्म रोग ओपीडी बंद
गायनी और ऑर्थो ओपीडी पहले से चल रही बंद
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला के जोनल अस्पताल धर्मशाला में सोमवार को एक साथ छह ओपीडी बंद रहीं। मरीज ओपीडी के चक्कर काटकर चिकित्सकों को ढूंढते नजर आए, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं मिला। धर्मशाला अस्पताल की ईएनटी, चर्म रोग, मनो रोग और मेडिसिन ओपीडी पर ताले लटके रहे। चार विशेषज्ञ एक साथ अवकाश पर होने के कारण पूरा दिन मरीजों को सामान्य ओपीडी में जांच करवानी पड़ी। इसके अलावा एचआरटीसी के परिचालक के पद पर नियुक्त करीब 120 युवाओं को भी मेडिकल बनवाने के लिए पूरा दिन अस्पताल में बिताना पड़ा। नेत्र ओपीडी में डॉक्टर तो बैठा था, लेकिन आंखों की जांच करने वाले रिफरेक्शनलिस्ट भी छुट्टी पर होने के कारण युवाओं को आई मोबाइल यूनिट में आंखों की जांच करवानी पड़ी। हर ओपीडी के दरवाजे पर ऑन लीव का बोर्ड लटका था। इससे मरीज मायूस लौट रहे थे। वहीं, अस्पताल की फिजियोथैरेपी यूनिट में भी ताला लटका था। अस्पताल में उपचार करवाने पहुंची रीना देवी, मनोरमा कुमारी, देवेंद्र कुमार, साहिल कपूर, विरेंद्र कुमार, कर्म चंद, सुरेश चौधरी आदि ने कहा कि विशेषज्ञ न होने के कारण उन्हें सामान्य ओपीडी में जांच करवानी पड़ी।
नौ सौ मरीजों ने किया पंजीकरण
अस्पताल में सोमवार को करीब 900 मरीजों ने जांच करवाने के लिए पर्चियां बनवाईं। इसमें सबसे ज्यादा लगभग 150 शिशु रोग ओपीडी में जांच करवाने वाले मरीज थे। इसके अलावा ईएनटी, ऑर्थो, मनोराग और चर्म रोग ओपीडी में जांच करवाने के लिए जिन मरीजों ने पंजीकरण करवाए, उनमें से कई बिना जांच करवाए लौट गए या फिर कुछ को सामान्य ओपीडी में ही जांच करवानी पड़ी।
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जोनल अस्पताल धर्मशाला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक दिनेश कुमार महाजन ने कहा कि ईएनटी, ऑर्थो, मनोराग और चर्म रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर हैं। इसके चलते मरीजों को सामान्य ओपीडी में जांच के लिए भेजा जा रहा था।
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