अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। राजकीय अध्यापक संघ ने प्रदेश भाजपा सरकार के समक्ष कई मांगें उठाईं। पंचरुखी ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण कुमार, पालमपुर ब्लॉक अध्यक्ष ओंकार चंद, बलदेव सिंह, विनोद कुमार, अजय अवस्थी, चरणजीत सिंह संधू, कपिल राज अंगारिया, अनिल कुमार ने शिक्षा विभाग और सरकार से आग्रह किया है कि प्रोवेशनरी पीरियड को उन अध्यापकों के लिए खत्म किया जाए जो अनुबंध पर सेवाएं देने के बाद नियमित हुए हैं। पुराने समय में जब अध्यापकों की रेगुलर भर्तियां ही होती थीं, उस समय प्रमोशन के लिए पांच साल का प्रोवेशनरी पीरियड रखा जाता था।
पांच साल के बाद ही एक अध्यापक प्रोमोशन का हकदार बनता था, लेकिन 2008 से नए आरएडपी रूल्स के तहत शिक्षा विभाग में भर्तियां अनुबंध आधार पर हो रही हैं। इसमें अनुबंध से नियमित हो रहे अध्यापक एक बार फिर से पांच साल का प्रोवेशनरी पीरियड काटने पर मजबूर हैं। विभाग की ओर से पीजीटी प्रमोशन के लिए 28 फरवरी तक नाम मंगवाए हैं। लेकिन, उसमें एक बार फिर 5 साल के प्रोवेशनरी पीरियड की शर्त लगा दी है। इसके चलते 2008 में टीजीटी की पोस्ट पर कार्यरत अध्यापक एक बार फिर पीजीटी की प्रमोशन से वंचित रह जाएंगे, जो अध्यापकों के साथ अन्याय है। जो अध्यापक अनुबंध से नियमित हुए हैं, उनके लिए प्रमोशन में 5 साल का प्रोवेशनरी पीरियड रखना ठीक नहीं है। संघ ने सरकार से इस त्रुटि को ठीक करने की मांग की है। संघ ने सरकार से मांग की है कि 2008 के अध्यापकों को भी रिटायर होने से पहले प्रोमोशन का हकदार बनाया जाए।