धर्मशाला। केसीसी बैंक के चेयरमैन जगदीश सपैहिया को अध्यक्ष पद से हटाने के लिए होटल धौलाधार में स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर और विधायक अरुण मेहरा कूका ने डिनर डिप्लोमेसी के बहाने सियासी चक्रव्यूह की रचना रची। सपैहिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए निदेशकों को सरकारी डिनर में शाम साढ़े 7 बजे बुलाया गया था। भाजपा की डिनर डिप्लोमेसी में कांग्रेस समर्थक निदेशक कुलदीप पठानिया, अजीत पाल महाजन और मनोहर लाल भी पहुंचे। इसके अलावा भाजपा समर्थक केशव कोरला, सुनील पाधा और हितेश्वर ठाकुर डिनर डिप्लोमेसी का हिस्सा बने। सरकार की ओर से नामित निदेशक राजीव भारद्वाज, रणजीत राणा और रमेश भलौरिया समेत वोट के लिए अधिकृत बैंक के एमडी पीसी अकेला और आरसीएस सुधीर कटोच बैठक में मौजूद रहे। यानी, चेयरमैन की कुर्सी हथियाने के लिए भाजपा ने 21 में से 11 का आंकड़ा डिनर डिप्लोमेसी में जुटा लिया। विपिन परमार, किशन कपूर, अरुण कूका ने होटल में पहले कांग्रेस समर्थक निदेशकों अजीत महाजन, वाइस चेयरमैन कुलदीप पठानिया, मनोहर शर्मा और एमडी पीसी अकेला से अलग से बैठक की। इसके बाद डिनर डिप्लोमेसी शुरू हुई। माना जा रहा है कि कांग्रेस समर्थक निदेशकों ने वाइस चेयरमैन पद के लिए सियासी डील की। परमार, कपूर ने डिनर डिप्लोमेेसी का हिस्सा बने निदेशकों से कहा कि वे सोमवार को बीओडी की बैठक में चेयरमैन जगदीश सपैहिया पर इस्तीफा देने का दबाव बनाएं। अगर वह इस्तीफा न दें तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। डिनर डिप्लोमेसी का बीओडी की बैठक में क्या सियासी गुणा-भाग होगा इसका पता अब आज चलेगा।
कूटनीति से दूर रहे ये निदेशक
सपैहिया समर्थक करनैल राणा, ठाकुर आत्म प्रकाश, लेख राज, संजीव राणा, प्रकाश चंद राणा सहित पार्टी से नाराज चल रहे प्रेम लता और राजीव गौतम डिनर में नहीं आए। वहीं, बीओडी में तुरूप का पत्ता माने जा रहे लाहौल स्पिति के सेरिंग ताशी बैठक में नहीं दिखे।