पालमपुर (कांगड़ा)। इस बार विस चुनाव में पालमपुर में गुरु और चेला आमने-सामने होंगे। गुरु सांसद शांता कुमार भाजपा की ओर से प्रचार करेंगे तो पूर्व विधायक और शांता के चेले प्रवीण कुमार बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। नामांकन वापसी के अंतिम दिन यह तस्वीर साफ हो गई है। शांता कुमार भाजपा की ओर से पालमपुर से प्रत्याशी इंदु गोस्वामी का प्रचार करेंगे। लिहाजा, अब इस चुनाव में गुरु-चेला आमने-सामने हो गए हैं। यह रोचक होगा कि गुरु शांता अपने चेले प्रवीण के खिलाफ क्या वार कर पाते हैं।
तो, पिछले करीब तीन दशक से शांता की सियासी नाव पर सवार चेला प्रवीण अपने गुरु के सियासी वाणों पर क्या बोल पाते हैं। हालांकि, 26 अक्तूबर नामांकन वापसी तक यह कयास लगाए जा रहे थे कि प्रवीण कुमार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। इसके लिए सांसद शांता कुमार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत अन्य नेताओं ने भी भाजपा से छिटके पूर्व विधायक प्रवीण कुमार को मनाने के प्रयास किए, लेकिन वे नहीं मानें। लिहाजा, अपने गुरु शांता कुमार की बात को भी दरकिनार कर वह चुनाव में उतर गए। नामांकन वापसी से एक दिन पहले भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने भी पालमपुर में डेरा डाला था और वे प्रवीण के घर जाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने घर जाने के बजाय फोन पर ही प्रवीण से बात की। अब देखना यह है कि चुनाव में पूर्व विधायक किसको नफा तो किसको नुकसान पहुंचाते हैं या अपनी जीत को लेकर आश्वस्त वे इस पर कितना खरा उतर पाते हैं।
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रामलाल आते चिंबलहार तो बदल भी सकते थे हालात
भाजपा के संगठन मंत्री रामलाल पूर्व विधायक प्रवीण कुमार के घर पहुंचे होते, तो हालात बदल भी सकते थे। रामलाल की प्रवीण के घर आने की खबर से बड़े कार्यकर्ता वहां पर जुट गए थे। लेकिन, रामलाल ने प्रवीण से फोन पर ही बात की और वे घर नहीं आए। सूत्रों की मानें तो रामलाल वहां पर आकर प्रवीण और कार्यकर्ताओं से मिल कर बात करते तो शायद हालात बदल सकते थे।
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पालमपुर में किसी ने नहीं लिया नाम वापस
पालमपुर में कांग्रेस की ओर से आशीष बुटेल, भाजपा से इंदु गोस्वामी, लेखराज उर्फ बिट्टू ठाकुर सीपीआई, बाल मुकंद बसपा, प्रवीण कुमार, बैणी प्रसाद, सुरेश कुमार और कपूर चंद आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
पालमपुर में शांता सात और आठ को करेंगे प्रचार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद शांता कुमार 28 अक्तूबर से चुनाव प्रचार करेंगे। शांता 28 और 29 अक्तूबर को संगठनात्मक जिला चंबा, 30 और 31 को जिला नूरपुर, एक और दो नवंबर जिला कांगड़ा, चार और पांच प्रदेश के कार्यक्रमों में और छह और सात को जिला पालमपुर में कार्यक्रम करेंगे।