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शिलान्यास तक सिमटा नए कालेज भवन का निर्माण

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रितेश महाजन
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नूरपुर (कांगड़ा)। नूरपुर के ऐतिहासिक किला मैदान में चल रहे ब्वॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मौजूदा आर्य कॉलेज भवन में शिफ्ट करने और सूरज टिल्ले पर नए कॉलेज भवन के निर्माण की कवायद फिलहाल सिरे चढ़ती नजर नहीं आ रही है।
हालांकि लंबी सियासी कशमकश के बाद करीब एक साल पहले नूरपुर शहर के रामपुरी उप महाल में नए कॉलेज भवन के निर्माण के लिए 20.34 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 12 जनवरी 2017 को नए कॉलेज भवन का शिलान्यास भी किया, लेकिन करीब नौ माह बीतने के बाद भी सूरज टिल्ले पर प्रस्तावित नए कॉलेज भवन का निर्माण कार्य अभी तक शिलान्यास पट्टिका से आगे भी नहीं बढ़ पाया है। सूत्रों की मानें तो करीब 20.34 करोड़ की लागत से बनने वाले नए कॉलेज भवन के लिए अभी तक मात्र 25 लाख रुपये के ही बजट प्रावधान हो पाया है। साथ ही शिलान्यास के बाद नौ माह बीतने के बावजूद अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी सिरे नहीं चढ़ सकी है।
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वर्ष 2011 में तत्कालीन नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने नूरपुर किले में चल रहे दशकों पुराने ब्वॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मौजूदा कॉलेज भवन में शिफ्ट करने के लिए सूरज टिल्ले पर नए कॉलेज भवन के निर्माण की कवायद शुरू की थी। लिहाजा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने अक्तूबर 2012 में नए कॉलेज भवन के निर्माण के लिए रामपुरी उप-महाल में चिह्नित 1.80 हेक्टेयर वन भूमि को उच्च शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मार्च 2013 में नए कॉलेज भवन निर्माण के लिए चिह्नित 1.80 हेक्टेयर वन भूमि की नेट प्रेजेंट वेल्यू (एनपीवी) और प्रतिपूर्ति पौधरोपण राशि भी जमा करवा दी थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद कॉलेज के शहर से बाहर शिफ्ट होने के सियासी नफे नुकसान की उलझन के चलते नए कॉलेज भवन का निर्माण फाइलों से आगे नहीं सरक पाया और न ही दशकों पुरानी इमारत में चल रहे ब्रिटिश कालीन ब्वॉयज स्कूल को नई सरकारी छत मुहैया करवाने की कोई पहल हो पाई। हालांकि, फरवरी 2015 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने नूरपुर प्रवास के दौरान जसूर जनसभा में नए कॉलेज भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके बाद कागजी औपचारिकताओं के बाद करीब डेढ़ साल बाद उच्च शिक्षा विभाग को नए कॉलेज भवन निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की बजट राशि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई और अब तकनीकी पेचीदगियों के चलते फिलहाल इसका निर्माण शिलान्यास तक ही सिमट कर रह गया है।
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प्रशासनिक अड़चनों से रुका टेंडर : विभाग
लोनिवि मंडल नूरपुर के अधिशासी अभियंता इंद्र सिंह उत्तम ने बताया कि प्रशासनिक अड़चनों के चलते फिलहाल नए कॉलेज भवन का टेंडर नहीं लग पाया है। हालांकि, उक्त भवन के लिए 25 लाख रुपये की बजट राशि मिल चुकी है।
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