धर्मशाला। वर्ष 1966 में बॉलीवुड फिल्म साया का आपके पहलू में आकर रो दिए गाना खूब हिट हुआ था। इस गाने में अभिनेता सुनील दत्त अभिनेत्री साधना के चित्र को देखकर रो दिए थे। बॉलीवुड थियेटर की तर्ज पर कांगड़ा जिले के पालिटिकल थिएटर में भी कुछ ऐसी ही सियासी फिल्म का आगाज हुआ।
कांगड़ा के पालिटिकल थिएटर में टिकट पाने के लिए भाजपा नेताओं ने इस बार आंसुओं की सियासत का नया प्रयोग किया। पिछले एक हफ्ते में टिकट के लिए आंसुओं की ऐसी सियासत चली कि इसमें कोई पास हुआ तो कोई फेल हुआ। भाजपा प्रत्याशियों की ओर से धर्मशाला से भाजपा प्रत्याशी किशन कपूर का जब टिकट कटा तो गम में समर्थकों के समक्ष उनके आंसू निकल गए और रोने का फोटो वायरल हो गया। आंसुओं की सियासत के आगे हाईकमान झुका और टिकट बहाल हो गया। जब नूरपुर से रणवीर सिंह निक्का का टिकट कटा तो उन्होंने भी कपूर की तर्ज पर समर्थकों के सम्मेलन में भावुकता का संबोधन देकर अश्रु वर्षा कर दी, लेकिन हाईकमान इसमें भीगा नहीं। उनका टिकट तो बहाल नहीं हुआ, लेकिन हाईकमान ने उन्हें मैनेज जरूर कर लिया। इसके बाद पालमपुर से टिकट कटने के बाद भाजपा नेता प्रवीण शर्मा भाजपा के पितामह शांता कुमार की गोद में फूट-फूट कर रोए। उम्मीद थी कि अंत समय में इंदु गोस्वामी का टिकट कटकर उनकी झोली में आ जाएगा। गम का वीडियो भी वायरल हुआ, लेकिन सियासी पत्थर दिल उन पर पसीजा नहीं। पिछले एक हफ्ते के पालिटिकल थियेटर में नेता भाजपा के पहलू में आकर रोये तो बहुत पर सत्ता की मंजिल तक पहुंचने के लिए सियासी घोड़ा उन्हें नसीब नहीं हो सका।
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आजाद उम्मीदवारों ने कपूर के छुए पैर, विष्ट की डबल वर्किंग
एसडीएम दफ्तर धर्मशाला में आजाद प्रत्याशियों ने भाजपा उम्मीदवार किशन कपूर के पैर क्या छुए, सियासी चटकारे लगने लगे। जिस दिन कपूर ने नामांकन भरा, उसी दिन आमना-सामना होने पर आजाद उम्मीदवार पंकज ने किशन कपूर के पैर छू लिए। सोमवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय पुरी बतौर आजाद प्रत्याशी जब एसडीएम दफ्तर में नामांकन भर रहे थे तो कपूर भी वहां अचानक पहुंचे। आमना सामना होने पर दिग्विजय पुरी ने भी कपूर के पांव छू लिए। दोनों गले भी मिले। उधर, गोरखा नेता आरएस राणा का नामांकन भरवाने वाले कांग्रेस नेता अरुण विष्ट सोमवार को अचानक कांग्रेस नेता दिग्विजय पुरी के नामांकन में पहुंच गए जिससे सियासत खूब गर्मा गई।