नगरोटा सूरियां प्रेस वार्ता में संयोजक संजय महाजन के साथ संघर्ष समिति के पदाधिकारीद। स्रोत: आयो
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बरियाल (कांगड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नगरोटा सूरियां में लचर सेवाओं से क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर अब 14 पंचायतों के प्रतिनिधि संगठित हो गए हैं। एक संघर्ष समिति का गठन कर अब आंदोलन को तैयार हैं।
क्षेत्र की 14 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए संघर्ष समिति गठित की है। समिति के संयोजक संजय महाजन ने कहा कि सीएचसी को नागरिक अस्पताल का दर्जा देकर शीघ्र डॉक्टर और अन्य स्टाफ की नियुक्ति होनी चाहिए।
वर्तमान में नगरोटा सूरियां सीएचसी में सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को बिना प्राथमिक उपचार के ही करीब 50 किलोमीटर दूर टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। खराब सड़कों और लंबी दूरी के कारण कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
संजय महाजन ने कहा कि पहले यहां 50 बिस्तरों वाले अस्पताल का दर्जा था, लेकिन नई सरकार ने इसे रद्द कर दिया। उन्होंने स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार पर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा के प्रति उपेक्षा का आरोप लगाया।
संघर्ष समिति ने चेताया कि जल्द ही खाली पदों को भरकर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं, तो 14 पंचायतों की जनता व्यापक आंदोलन करेगी। संघर्ष समिति में कथोली पंचायत के प्रधान गुरचरण सिंह बेदी और जसवंत सिंह को सह संयोजक, पूर्व सैनिक अशोक कुमार, हैप्पी, सूरम सिंह और रमेश कुमार को प्रचार एवं प्रसार सचिव बनाया है।