धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला को स्मार्ट सिटी परियोजना मिले डेढ़ साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन धरातल में अभी तक स्थिति नगर परिषद के समय वाली है। जो समस्याएं नगर परिषद के समय में धर्मशाला के वार्डों में थी, वे अभी तक वैसे ही हैं।
नगर निगम धर्मशाला के सचिवालय वार्ड नंबर-सात में उपायुक्त कार्यालय, जोनल अस्पताल, शिक्षा बोर्ड, कचहरी अड्डा, डिपो बाजार, सिविल लाइन और जवाहर नगर का आधा क्षेत्र आता है, बावजूद इसके इस वार्ड के पांच सार्वजनिक शौचालयों में चार बंद पड़े हैं और कचहरी अड्डा के सुलभ शौचालय में भी बाहर से पानी लेकर शौच करने जाना पड़ता है। शौचालय के नलकों में काफी समय से पानी नहीं आता है और बाहर से पानी अंदर भरकर ले जाना पड़ता है। इसके अलावा कचहरी अड्डा के अंतिम छोर पर पिछले 10 वर्षों से नगर निगम का शौचालय बंद पड़ा है। वहीं, डिपो बाजार से चीलगाड़ी वाली सड़क का सार्वजनिक शौचालय भी दयनीय स्थिति में है। डिपो बाजार के अंतिम छोर पर सरकारी अधिकारियों के आवासों के सामने वाला सार्वजनिक शौचालय भी बंद पड़ा है। जिन्हें ठीक करने में नगर निगम कोई रुचि नहीं दिखा रहा है। चहल-पहल वाला क्षेत्र होने के बावजूद जिला प्रशासन भी नगर निगम की इस कार्यप्रणाली पर मौन धारण किए हैं। इसके अलावा पूरे वार्ड में पार्किंग स्थल न होने के कारण लोग हर खाली सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं। इस कारण नगर निगम को कोई आय नहीं हो रही है। वार्ड की नालियों की स्थिति भी खस्ताहाल है। भूमिगत कूड़ादान होने के बाद भी लोग खुले में कूड़ा फेंकते हैं, लेकिन नगर निगम उन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है।
बजट के बाद नहीं बन रहा रास्ता
कचहरी अड्डा के कारोबारी शेर सिंह ने कहा कि वार्ड में एक रास्ते का निर्माण पिछली भाजपा सरकार में शुरू हुआ है, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। बजट होने के बाद भी रास्ते का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
बैठने के लिए नहीं कोई स्थान
कुली का काम करने वाले अब्दुल्ला खान ने कहा कि उनकी 20 लोगों की टीम है। सुबह पांच बजे कचहरी अड्डा में काम शुरू करते हैं, लेकिन दोपहर बाद काम कम होने के बाद उन्हें बैठने के लिए कोई स्थान नहीं मिलता।
नालियों में बह रही गंदगी
कचहरी अड्डा में बाल काटने का काम करने वाले खेम राज ने कहा कि सीवरेज लाइन की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है, खुली नालियों में गंदगी बहने के कारण उनकी दुकान में उपभोक्ता नहीं बैठ पाते।
बंद शौचालय के स्थान पर बने लोक मित्र केंद्र
डिपो बाजार के मुनी लाल ने कहा कि जो सार्वजनिक शौचालय 10 सालों से बंद है, उसे वहां से उखाड़ा जाए। उसके स्थान पर लोक मित्र केंद्र या सब-डाकघर खोला जाए। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
नहीं उठता समय पर कूड़ा
गर्वित शर्मा ने कहा कि सचिवालय वार्ड में जो भूमिगत कूड़ादान स्थापित किए गए हैं उन कूड़ादानों से समय पर कूड़ा नहीं उठाया जाता है। इस कारण लोग कूड़ादान के बाहर गंदगी फेंक देते हैं। इसके अलावा वार्ड में नालियों की सफाई भी नहीं होती है।
अंदर के रास्तों में नहीं आते सफाई कर्मचारी
जीवन कुमार ने कहा कि वार्ड के अंदर वाले रास्तों की कोई सफाई नहीं की जाती है। इस कारण लोगों को अपने घरों के आगे स्वयं झाड़ू लगाना पड़ता है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी मुख्य सड़कों की सफाई करते हैं।
नहीं उठता घर-घर से कूड़ा
सचिवालय वार्ड के निवासी दिवेश कुमार ने कहा कि पूरे वार्ड में घर-घर से कूड़ा उठाने की योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। भूमिगत कूड़ादान दूर होने के कारण लोग हर कहीं खाली क्षेत्रों में कूड़ा फेंक देते हैं।
पार्किंग न होने से तंग
अनूप कुमार ने कहा कि पूरे वार्ड में कोई पार्किंग स्थल नहीं है। इस कारण लोग अपने-अपने घरों के आगे वाहन खड़े कर देते हैं। किरायदारों के वाहन भी वहीं खड़े होते हैं, इस कारण सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
हाउस में उठाएंगे शौचालयों का मुद्दा
सचिवालय वार्ड के पार्षद रोहित कुमार ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय को ठीक करने का मुद्दा हाउस में रखा गया है। जल्द ही सभी शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। इसके अलावा डिपो बाजार सहित दो और स्थानों पर छोटे पार्किंग स्थल विकसित करने की योजना चल रही है। घर-घर से कूड़ा उठाने का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा।