ज्वालामुखी (कांगड़ा)। शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेलों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थापित निशुल्क औषधालय के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। मेलों के दौरान मंदिर न्यास की ओर से किए प्रबंधों के बारे में जब मीडिया की टीम ने पड़ताल की तो श्रावण अष्टमी मेलों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए निशुल्क औषधालय में तैनात कर्मी नदारद मिले। निशुल्क औषधालय की सुविधा कागजों में सुबह 8 बजे से है, लेकिन सोमवार सुबह 8 बजे से लेकर सवा नौ बजे तक वहां कोई भी कर्मी मौजूद नहीं था।
ज्वालाजी मंदिर में दर्शनों के लिए आए श्रद्धालु निशुल्क औषधालय से मायूस होकर लौट रहे थे क्योंकि वहां पर कोई भी उन्हें दवाई देने वाला नहीं था। श्रद्धालुओं गुरप्रीत, हरनाम, बलवंत, शिखा, कविता, रितिका निवासी पंजाब ने बताया कि उन्हें मंदिर में निशुल्क औषधालय से दवाई लेनी थी और वे सुबह 8 बजे से लेकर काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन दवाई नहीं मिल पाई। वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि निशुल्क औषधालय में कर्मी अभी नही आए हैं। श्रद्धालुओं का कहना था कि मंदिर न्यास अगर उन्हें दवाई की सुुविधा नहीं दे सकता तो फिर शिविर लगाने का औचित्य क्या है।
इस बारे में स्थापना शाखा के लिपिक देशराज से संपर्क करने पर पहले तो उन्होंने आनाकानी की परन्तु बार-बार आग्रह करने पर बताया कि सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे और 2 बजे से रात 8 बजे तक शिविर खुलने और बंद होने का समय मंदिर न्यास ने तय किया है। यहां पर बैठने वाले फार्मासिस्ट और आयुर्वेदिक डॉक्टर को मंदिर न्यास सेवा शुल्क भी अदा करता है।
कोताही पर मांगा जाएगा जवाब
मंदिर अधिकारी डा. अशोक पठानिया ने बताया कि सोमवार सुबह 8 बजे शिविर में बैठने वाले कर्मियों ने ड्यूटी में अगर कोताही बरती होगी तो जवाब मांगा जाएगा। नियमानुसार उनका शुल्क भी काटा जा सकता है।
लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी
सहायक मंदिर आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेलों में श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं को दी जाने वाली सुविधाओं में कहीं कोई कमी सामने आएगी तो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।