हिमाचल किसान सभा जिला कांगड़ा इकाई का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष जगदीश चंद जग्गी और सचिव सतपाल सिंह की अध्यक्षता में उपायुक्त कांगड़ा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर इंदौरा मंड क्षेत्र में रहने वाले पूर्ण चंद के लिए न्याय की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 30 जनवरी को स्टोन क्रशर के लोगों ने पूर्ण चंद पर जानलेवा हमला किया था। पूर्ण चंद स्टोन क्रशर के मालिकों के खिलाफ वर्ष 2012-13 से जंग लड़ रहे हैं। किसान सभा के सदस्यों ने बताया कि स्टोन क्रशर से गांव का वातावरण प्रदूषित होता है। पानी का स्तर भी नीचे जा रहा है। इससे गांव के लोगों के जीवन पर असर पड़ रहा है। इस लड़ाई में पूर्ण चंद सबसे आगे रहता था। इसी वजह से आरोपियों ने उस पर जानलेवा हमला किया। हमलावर पूर्ण चंद को मृत समझ कर पंजाब सीमा पर फेंक आए थे, लेकिन पूर्ण चंद बच गया। वह टांडा अस्पताल में उपचाराधीन है। सरकार खनन माफिया के खिलाफ नरम रुख अपनाए हुए है। सीएम ने टांडा जाकर हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश पुलिस को दिए थे, लेकिन एक सप्ताह बीतनेे के बाद भी हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसान सभा के सदस्यों ने कहा कि सरकार जल्द स्टोन क्रशर के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।
नहीं रहे द्वितीय विश्व युद्ध के वीर प्रीतम सिंह
धर्मशाला। द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले जांबाज सैनिक प्रीतम सिंह का 92 वर्ष की उम्र में हृदय गति रुकने से अपने पैतृक गांव सकोह में निधन हो गया। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है। प्रीतम सिंह स्वतंत्रता संग्राम की कई कहानियां युवा पीढ़ी को सुनाते थे। हवलदार हरनाम सिंह को जब ब्रिटिश सेना ने कोर्ट मार्शल कर गोली मारने के आदेश दिए थे, उस समय ब्रिटिश सैन्य दरबार के प्रीतम सिंह चश्मदीद गवाह थे। ब्रिटिश पंजाब रेजिमेंट में इन्हें सर्वश्रेष्ठ जवान आंका गया था। प्रीतम सिंह के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार सकोह गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इनके अंतिम संस्कार में स्थानीय लोगों के साथ सेना के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।