देहरागोपीपुर(कांगड़ा)।
अब इसे महज संयोग ही नहीं कहा जा सकता कि दो दशक से विधानसभा में विपक्षी बेंच पर बैठने वाले जसवां-परागपुर क्षेत्र के विधायक इस बार प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री होंगे। इस क्षेत्र के विधायक विक्रम सिंह ठाकुर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। दरअसल संगठन और सरकार की ओर से उन्हें यह दायित्व सौंपने के पीछे बड़ा कारण यह भी है कि विक्रम ठाकुर 1980 से लगातार बीजेपी और सहयोगी संगठनों की सेवा शिद्दत, मेहनत और लगन से कर रहे हैं।
विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ और भाजयुमो में कई पदों पर कार्य करने के बाद वे जसवां-परागपुर क्षेत्र का इस बार तीसरी बार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 28 अगस्त, 1964 को जसवां के जोल गांव में पैदा हुए विक्रम का बेहद गरीब परिवार से संबंध रहा है और सक्रिय राजनीति के बावजूद उन्हें पंजाब के नंगल में नौकरी भी करनी पड़ी। पार्टी हाईकमान ने उन्हें पहली बार 1998 में जसवां क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन वे पहला चुनाव जीतने में सफल नहीं रहे। उसके बाद सन 2003 में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए कांग्रेस नेता विप्लव ठाकुर को तब हराया जब वे मुख्यमंत्री पद की प्रबल दावेदारों में से थीं। वर्ष 2008 में वे वन विकास निगम के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2012 में एक बार फिर जसवां-परागपुर क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसे भाग्य की विडंबना ही कहा जा सकता है कि ठाकुर को जब-जब क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, सरकार कांग्रेस की रही। इस बार लगातार दूसरी दफा उन्होंने जीत हासिल की है। यही कारण रहा कि वे कैबिनेट में जगह बनाने में सफल रहे। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद विक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि यह जसवां-परागपुर क्षेत्र की प्रबुद्ध मतदाताओं के सहयोग और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है। यह उपलब्धि इस क्षेत्र की जनता की है और अब क्षेत्र और प्रदेश के विकास के लिए वे अपना पूरा समय देंगे।