डरोह (कांगड़ा)। जिला के तमाम स्वास्थ्य केंद्रों में सरकारी अवकाश के दिन आपातकालीन सेवाएं देने के लिए तैनात चिकित्सकों की मनमानी अब नहीं चलेगी। अस्पताल में आने वाले किसी भी किस्म के मरीज को उन्हें हर हाल में देखना ही पड़ेगा और दवाई भी लिखनी होगी।
लोगों की लगातार मिल रही शिकायत का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा स्थित धर्मशाला आरएस राणा ने कड़ी फटकार लगाई है। यदि कोई चिकित्सक छुट्टी के दिन, जिसकी ड्यूटी आपातकालीन में किसी अस्पताल में लगी है। वह मरीज को देखने में आनाकानी करता है, तो मरीज को एक लिखित शिकायत उनके कार्यालय में देनी होगी। इसके बाद उस चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
दरअसल सरकारी अवकाश के चलते कई चिकित्सकों की ड्यूटी उनके खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अधीन किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाई जाती है। वहां कोई भी आम आदमी अपनी बीमारी को उक्त चिकित्सक को दिखाकर अपना इलाज करवा कर लाभान्वित हो। अन्यथा लोगों को छुट्टी के दिन निजी क्लीनिकों में भारी भरकम राशि देकर अपना इलाज करवाना पड़ता है। लोग निजी अस्पतालों में न ठगे जाएं इसलिए उनकी सहूलियत के लिए छुट्टी के दिन आपातकालीन सेवाएं चिकित्सकों से ली जाती हैं।
भवारना से आई है शिकायत
सोमवार को क्रिसमस की छुट्टी होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवारना में किसी दूसरे अस्पताल के चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई थी। वहां पर जब एक बच्चे को उल्टी दस्त की दवाई लेने के लिए अस्पताल लाया गया तो वहां तैनात चिकित्सक ने यह कह कर उन्हें लौटा दिया कि छुट्टी के दिन वह सिर्फ एमरजेंसी के मरीजों को ही देखती हैं, जबकि बाद में उन्हें दवाई दे दी गई। वहीं एक अन्य मरीज की अचानक उठी पीठ में दर्द की दवाई लेने पहुंचे बुजुर्ग को भी लौटा दिया गया। इनमें से एक मरीज ने इस चिकित्सक की शिकायत की ई- मेल सीएमओ को भी डाल दी है।
भवारना सामुदायिक स्वास्थ्य के केंद्र में एक मरीज की चिकित्सक के खिलाफ शिकायत की मेल आई है। छुट्टी के दिन जिले के सभी बड़े अस्पतालों में चिकित्सकों मरीजों की सुविधा के लिए ड्यूटी लगाई जाती है। यदि किसी चिकित्सक ने इस में किसी प्रकार की कोताही बरती है, तो उस पर कार्रवाई की
जाएगी।
- आरएस राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा
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