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एमसी के पार्क को बना दिया ओपन एयर कैफे 19-49-10

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एमसी के पार्क को बना दिया ओपन एयर कैफे
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चारों तरफ जालीदार कपड़ा लगा पार्क के एंट्री गेट किए बंद
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। एक ओर जहां होईकोर्ट के दबाव के बाद अनाधिकृत होटलों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर एमसी अपने पार्कों पर अवैध कब्जे की अनुमति दे रहा है। पुलिस थाना धर्मशाला और कोर्ट के सामने महज 30 मीटर दूर बने नगर निगम के पार्क पर एक रेस्तरां मालिक ने कब्जा कर ओपन एयर कैफे बना दिया है। पार्क परिसर के चारों ओर जालीदार हरा कपड़ा लगाकर आम आदमी के लिए एंट्री गेट बंद कर रेस्तरां के भीतर से एंट्री बना दी गई है। सरकारी पार्क में मुफ्त में कुर्सियां और टेबल सजाकर रेस्तरां मालिक ग्राहकों से हजारों रुपये रोजाना कमा रहा है।
पिछले 4 वर्ष से नगर निगम इस कैफे संचालक पर क्यों मेहरबान है, यह समझ से परे है।
जनचेतना संस्था धर्मशाला के उपाध्यक्ष विजय जकारिया और हिमाचल बचाओ मंच के अध्यक्ष एसएस गुलेरिया ने बताया कि मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए। एमसी के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना ऐसा संभव नहीं हो सकता है। अगर दोषी कर्मचारियों और कैफे संचालक पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे एमसी का घेराव करेंगे। कैफे संचालक ने बताया कि उसे नगर निगम ने पार्क में पौधरोपण और साफ सफाई की अनुमति दे रखी है। पार्क के चारों ओर कपड़े की बाढ़बंदी इसलिए की गई है ताकि आवारा जानवर परिसर में न घुसें। इसलिए, एंट्री कैफे के भीतर से की गई है। यहां सवाल यह उठता है कि एमसी ने किसी व्यक्ति विशेष को ऐसी अनुमति किस नियम के तहत और क्यों दी।
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पार्क नगर निगम की संपत्ति है। एमसी के अधीनस्थ कर्मचारियों को मौके का मुआयना करने के आदेश दे दिए गए हैं। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - संदीप कदम, आयुक्त, एमसी धर्मशाला।

एमसी की संपत्ति पर किसी ने अतिक्रमण किया है तो मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। - रजनी व्यास, महापौर, नगर निगम धर्मशाला।
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