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10 प्राथमकि स्वास्थ्य केंद्र चपरासी के हवाले

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दस पीएचसी में डॉक्टर नहीं, कौन करेगा इलाज
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43 पीएचसी में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जा रहे चिकित्सक
88 में से सिर्फ 35 पीएचसी में स्थायी डॉक्टर तैनात
हरीश चंद्र
धर्मशाला। स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के दस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चपरासी के सहारे हैं। इन पीएचसी में न ही कोई डॉक्टर तैनात है और न ही कोई पैरामेडिकल स्टाफ। इसके कारण ये पीएचसी सिर्फ चपरासी के सहारे चल रही हैं। वे भी सुबह आते हैं और साफ-सफाई करने के बाद लोगों को दूसरे अस्पतालों में जाने की सलाह देते हैं। इन पीएचसी का चुनावी वर्ष में दर्जा बढ़ाया गया है, जिसके कारण अभी तक यहां पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पाई है। जिले में वर्तमान समय में 88 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें सिर्फ 35 पीएचसी में स्थायी रूप से एक-एक चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। जबकि, 43 पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग प्रतिनियुक्ति पर डॉक्टर को एक-एक सप्ताह के लिए भेजकर काम चला रहा है।
जिला में चिकित्सकों के 42 पद खाली
जिला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए डाक्टरों के 182 पद सृजित हैं। इनमें वर्तमान समय में 42 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा कई पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग प्रतिनियुक्ति पर डॉक्टर भेजकर काम चला रहा है। साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ का भी जिलेभर के पीएचसी में टोटा चल रहा है। अधिकतर पीएचसी में स्वीकृत पदों में से कई पद रिक्त चल रहे हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने कहा कि हाल ही जिन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का दर्जा बढ़ाकर पीएचसी किया गया है, ऐसे 10 पीएचसी में कोई भी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात नहीं है। निदेशालय को वहां पर डॉक्टर और अन्य स्टाफ भेजने संबंधित पत्राचार किया गया है। 43 पीएचसी में प्रतिनियुक्ति पर डॉक्टरों को भेज कर लोगों को सुविधा मुहैया करवाई जा रही है।
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