अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के दाड़ी वार्ड नंबर-13 के व्यापारी ट्रेड फेयर से परेशान और गुस्सा हैं। व्यापारियों का आरोप है कि एक ओर उन पर जीएसटी की मार पड़ रही है। वहीं, दूसरी ओर ट्रेड फेयर से परेशान हो गए हैं। क्योंकि, ऐसा कोई महीना नहीं जा रहा, जब दाड़ी मैदान में ट्रेड फेयर न लग रहा हो। ऐसे में स्थानीय व्यापारियों के व्यापार पर खासा असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में यदि दाड़ी मैदान में ट्रेड फेयर लगना बंद नहीं हुए, तो व्यापारी नगर निगम धर्मशाला कार्यालय और उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। व्यापार मंडल का आरोप है कि ट्रेड फेयर लगाने से पहले स्थानीय व्यापार मंडल से एनओसी तक नहीं ली जा रही। ऐसे में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
व्यापार मंडल के प्रधान हर्ष ओवरॉय ने कहा कि दाड़ी के स्थानीय बाजार में करीब एक सौ दुकानदार अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं, लेकिन, कोई भी ऐसा महीना नहीं जा रहा, जब दाड़ी मैदान में ट्रेड फेयर न लगा हो। ऐसे में व्यापारियों के व्यापार में खासा असर पड़ रहा है। हर्ष ओवरॉय ने कहा कि ट्रेड फेयर से न केवल व्यापारी परेशान हैं, बल्कि दाड़ी मैदान में खेलने आने वाले युवाओं और सुबह-सायं घूमने आने वाली महिलाओं और बुजुर्गों को भी समस्या खड़ी हो गई है। मैदान में जहां 10 से 15 दिन ट्रेड फेयर लगा रहता है। वहीं, एक माह तक यहां टेंट लगाने और उखाड़ने का काम चला रहता है। वहीं, ट्रेड फेयर में बिकने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा। इससे उपभोक्ता भी ठगे जा रहे हैं। हर्ष ओवरॉय ने कहा कि यदि मैदान में ट्रेड फेयर पर रोक नहीं लगी तो मजबूरन उन्हें एमसी कार्यालय और उपायुक्त कांगड़ा का घेराव करना पड़ेगा।
कोट
एमसी अधिकारियों ने दी अनुमति : सविता
एमसी वार्ड नंबर-13 की पार्षद सविता कारकी ने कहा कि ट्रेड फेयर लगाने के लिए उनसे किसी ने अनुमति नहीं मांगी है। एमसी अधिकारियों ने ट्रेड फेयर लगाने के लिए अनुमति दी होगी।