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अफसर गलत नीतियां बना कर कर्मचारियों का न करें शोषण

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गलत नीतियां बना कर कर्मचारियों का शोषण न करें अफसर
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शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने एक बार फिर उठाई वरिष्ठता लाभ देने की मांग
अनुबंध के बजाय नियमित रूप से होनी चाहिए थी उनकी निुयक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
पालमपुर (कांगड़ा)। शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने एक बार फिर से अनुबंध समय से वरिष्ठता के लाभ देने की मांग की है ताकि उन्हें उनका हक मिल सके। शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने सरकार से आग्रह किया कि जल्द से जल्द सभी कर्मचारियों को अनुबंध समय से वरिष्ठता लाभ दिए जाएं, जबकि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि हर कर्मचारी के अनुबंध समय को नियमित सेवाओं में गिना जाए। चार साल से सभी ज्ञापनों के माध्यम से हर सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनके अनुबंध समय को वरिष्ठता लाभों के लिए माना जाए, लेकिन अभी तक
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उनकी कोई सरकार नहीं सुन रही है। न ही सुनने वाला मिल रहा है, जबकि पैसे नहीं है तो कम से कम प्रोमोशन के लिए तो उनके अनुबंध समय को मान्य करो। आरएडंपी रूल्स की पेचीदगियों को बताकर उन्हें भर्मित किया जा रहा है। यहां तक उनकी पेंशन छीन ली और उनसे अनुबंध समय लगवाया गया। अब आरएडंपी का हवाला देकर उन्हें अनुबंध समय के लाभ भी नहीं दिए जा रहे है। इसमें उनका क्या कूसर है? आरएडंपी रुल्स वे तो बनाते नहीं हैं। कहा कि उन्हें अनुबंध पर रखने के बजाय नियमित ही रखना चाहिए था। अब अनुबंध समय को दो साल करने की मांग उठ रही है, लेकिन संघर्ष मोर्चा इस अनुबंध प्रथा को ही जड़ से उखाड़ फेंकने के पक्ष में है। साथ ही अफसरशाही को सुझाव दिया है कि गलत तरीके से नीतियां बनाकर कर्मचारियों का शोषण न करवाया जाए और संविधान की मर्यादा को समझा जाए।
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