अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। आरोप सिद्ध होने पर विवाहित महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पति और जेठानी को कोर्ट ने पांच-पांच वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश-तृतीय कांगड़ा स्थित धर्मशाला ज्योत्स्ना समुंत डढवाल की अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि नगरोटा बगवां के हटवास की नम्रता की शादी 25 जुलाई 2005 को पालमपुर के चचियां निवासी हर्ष जंबाल के साथ हुई थी। उन्होंने बताया कि शादी के कुछ माह बाद से ही नम्रता का पति हर्ष और जेठानी सीमा उसे दहेज की मांग को लेकर उसको तंग करते थे। उन्होंने बताया कि पति और जेठानी की प्रताड़नाओं की जानकारी उसने अपनी बहनों तथा मासी को भी दी थी। उसने अपने रिश्तेदारों को बताया था कि उसका पति और जेठानी उसके साथ मारपीट करते हैं तथा उसको कई बार खाना तक भी नहीं देते थे। इसके अलावा नम्रता की माता शकुंतला देवी ने भी पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसकी बेटी नम्रता ने तीन दिसंबर 2010 को शाम सात बजे फोन कर बताया था कि उसका पति और जेठानी दो दिन से उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। साथ ही उसे खाने के लिए भी नहीं दे रहे हैं। शकुंतला देवी ने अपने बयान में कहा था कि इस दौरान नम्रता ने यह भी कहा था कि अब वह बहुत परेशान हो गई है और इस मारपीट को और सहन नहीं कर सकती है। इस पर शकुंतला देवी ने एक-दो दिन में उसके ससुराल में आकर पति को समझाने की बात कही थी। शकुंतला देवी ने अपनी शिकायत में कहा था कि पांच दिसंबर 2010 की रात करीब 12 बजे नम्रता के जेठ सुखदेव का फोन आया कि नम्रता ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है। इसके बाद शकुंतला देवी और अन्य रिश्तेदार उसके घर पहुंचे तो देखा कि नम्रता का शव कमरे में पड़ा था तथा वहां पर बदबू आ रही थी। शकुंतला देवी ने आरोप लगाए थे कि पति तथा जेठानी की प्रताड़नाओं से तंग आकर ही उसकी बेटी ने आत्महत्या की थी। इतना ही नहीं जहरीला पदार्थ खाने के बाद भी वे उसे अस्पताल नहीं ले गए और उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस थाना पालमपुर में इस संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई आरंभ की गई थी। जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि इस मामले की पैरवी उप-न्यायवादी एमएल शर्मा की ओर से की गई तथा मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध होने के दोनों दोषियों को पांच-पांच वर्ष का कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।