नशे के सेवन से परिवार के साथ नष्ट होती है संस्कृति : मोरारी
राजनीति से प्रेरित होकर कुछ लोग चलाते हैं नशा निवारण अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वालामुखी (कांगड़ा)। प्रख्यात कथावाचक मोरारी बापू ने हिमाचल में नशे खिलाफ चलाए गए अभियान को सराहा है। उन्होंने नशे के खिलाफ पुलिस विभाग की मुहिम को बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि इससे नशे की गर्त में जा रही युवा पीढ़ी जागरूक होगी। अमर उजाला से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि शराब आदि नशे के सेवन से परिवार के साथ संस्कृति भी नष्ट होती है। नशे से हमेशा दूर रहना चाहिए। मैंने कई बार देखा है कि नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले भी नशेड़ी होते हैं। ऐसे लोग समाज से नशा दूर करने का क्या हक रखते हैं। कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर नशा निवारण जैसे अभियान चलाते और बनाते हैं वे राजनीतिज्ञ भी रात होते ही शराब के नशे में धुत होते हैं। ऐसे में हम किसी का क्या मार्गदर्शन करेंगे। मेरा लक्ष्य नशे से युवा पीढ़ी को बचाना है।
कलियुग में राम राज्य लाने की जरूरत
ज्वालामुखी। गंजूए दा बाग में आयोजित राम कथा के सातवें दिन कथा संत मोरारी बापू ने कहा कि श्रीराम सत्य के पुजारी थे। संत मोरारी बापू ने कहा कि पापी कितना ही बलशाली और प्रभावशाली क्यों न हो, जीत हमेशा सत्य की ही होती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भी जीवनभर सत्य के मार्ग पर ही चलते रहे। यही वजह है कि हर मुसीबत उनके सामने बौनी पड़ गई। पूरा जीवन उन्होंने एक आदर्श के रूप में बिताया। हमेशा बड़ों की आज्ञा का पालन किया और कमजोर से कभी द्वेष नहीं रखा। बापू ने कहा कि कलियुग में हम सभी को श्रीराम के आदर्शों पर चलने का प्रयास करना चाहिए। राम राज्य में किसी को किसी से वैर नहीं था। चोरी और अकाल मृत्यु का भय नहीं था। प्रजा सुख-शांति से जीवन यापन करती थी, लेकिन कलियुग में ऐसा कोई घर नहीं, जहां अशांति का वास न हो। इसे दूर करने के लिए एक बार फिर से राम राज्य लाने की आवश्यकता है। ज्वालामुखी धाम की पावन भूमि पर हजारों भक्तों ने श्रीराम कथा का श्रवण किया।