अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के आयुर्वेद अस्पताल के मरीजों को सस्ते दामों पर दवाइयां नहीं मिल रही हैं। आयुर्वेद अस्पताल परिसर में स्थापित उचित मूल्य की दवाइयों की दुकान पिछले एक साल से अधिक समय से बंद पड़ी है। इस कारण मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। दुकान बंद होने के बावजूद राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड एक साल से किराया दे रहा है, लेकिन मरीजों को सस्ती दरों में दवाई देने में पूरी तरह नाकाम है।
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हर रोज होती है 200 अधिक ओपीडी
आयुर्वेद अस्पताल धर्मशाला में हर रोज 200 से अधिक मरीज ओपीडी में जांच करवाने आते हैं, लेकिन अस्पताल परिसर में उचित मूल्य की दुकान बंद होने के कारण उन्हें निजी क्लीनिकों से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं।
दुकान खोलने के लिए किया है पत्राचार
जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुनीत पठानिया ने कहा कि उचित मूल्य की दवाइयों की दुकान को खोलने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों से पत्राचार हुआ है। अगर फिर भी दवाइयों की दुकान नहीं खुलेगी तो उन्हें दुकान खाली करने के बारे में कहा जाएगा।
फार्मासिस्ट न होने के कारण बंद है दुकान
नागरिक आपूर्ति निगम के एरिया प्रबंधक रमेश शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद अस्पताल में स्थापित उचित मूल्य की दवाइयों की दुकान के लिए फार्मासिस्ट न होने के चलते बंद रखा गया है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अगवत किया गया है। जैसे ही फार्मासिस्टों की नियुक्ति होगी, दुकानों को फिर से खोला जाएगा।