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कांगड़ा के सियासी रण में दावेदारों की फौज

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धर्मशाला (कांगड़ा)। सत्ता का ताज पहनाने वाले कांगड़ा जिले के अमूमन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में टिकट के लिए दावेदारों की फौज खड़ी हो गई है। धर्मशाला से पूर्व मंत्री किशन कपूर और सुधीर शर्मा के समक्ष अपनों ने ही चुनौती पेश कर दी है। कांगड़ा में कांग्रेस से सुरेंद्र काकू के अलावा, राजकुमार जसवाल, डॉ. राजेश शर्मा सहित और भी दावेदार दौड़ में हैं जबकि भाजपा में संजय चौधरी समेत उत्तम चौधरी, कुलभाष चौधरी टिकट की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। विधायक पवन काजल दोनों पार्टियों की टिकट के लिए चांस मारना चाह रहे हैं। पालमुपर में कांग्रेस से विस अध्यक्ष बीबीएल बुटेल के समक्ष अपना भतीजा गोकुल बुटेल चुनौती दे रहा है, जबकि शांता के गढ़ में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति पैदा हो चुकी है। मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी जताने वाले परिवहन मंत्री जीएस बाली की हॉट सीट में भी भाजपा और कांग्रेस के समक्ष चुनौतियां कम नहीं हैं। बैजनाथ और जयसिंहपुर में भाजपा के चार-चार दावेदार हैं। ज्वालाजी में विधायक संजय रत्न के समक्ष अपनी ही पार्टी के दावेदार खड़े हैं तो भाजपा के पूर्व मंत्री रमेश ध्वाला के अलावा टिकट के लिए तीन और नेता सियासी लार टपका रहे हैं। देहरा में रवि के अलावा कृपाल परमार टिकट मांग रहे हैं तो कांग्रेस में विप्लव के अलावा वीरभद्र गुट चुनौती देने को तैयार बैठा है। शाहपुर में कांग्रेस में मेजर विजय सिंह मनकोटिया और केवल सिंह पठानिया तो भाजपा में सरवीण के अलावा दो दावेदार टिकट मांग रहे हैं। नूरपुर में कांग्रेस की स्थिति साफ है लेकिन भाजपा में राकेश पठानिया और रणवीर सिंह निक्का की दावेदारी बगावत पैदा कर सकती है। इंदौरा में मनोहर धीमान की भाजपा में एंट्री के बाद भाजपा में घमासान मचा है जबकि कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार वाली स्थित बन गई है। फतेहपुर में ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया कांग्रेस का संभावित चेहरा है, लेकिन भाजपा में आधा दर्जन से ज्यादा टिकट के दावेदार हैं। जवाली में कांग्रेस में पिता-पुत्र की दावेदारी से इधर भाजपा में अर्जुन ठाकुर और संजय गुलेरिया की दावेदारी पार्टी की परेशानी बढ़ा सकती है। जसवां परागपुर में भी दोनों पार्टियों में टिकट की जंग चल रही है।
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2012 में जीती बाजी हार गए थे धूमल
पिछले विस चुनाव में 15 में से 10 सीटों पर कांग्रेस जबकि भाजपा की झोली में 3 सीटें आई थीं। धूमल और शांता गुट के बीच रार पार्टी पर हावी थी। धर्मशाला, पालमपुर, बैजनाथ, जयसिंहपुर, नूरपुर, इंदौरा, कांगड़ा, फतेहपुर, जवाली सीटें बागियों की वजह से भाजपा हार गई थी।
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चुनाव में आधा दर्जन सीटें रहेंगी हॉट
धर्मशाला, पालमपुर, कांगड़ा, फतेहपुर, नगरोटा बगवां, नूरपुर, देहरा, शाहपुर सीटें इस बार हॉट रहेंगी। इन सीटों पर कद्दावर नेताओं का सियासी रसूख जुड़ा है।
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