धर्मशाला। मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग महिला से दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने 10 वर्ष के कठाेर कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दोषी को दो लाख रुपये जुर्माना भी ठोंका गया है। सत्र न्यायाधीश परिवार न्यायालय (फैमिली कोर्ट) धर्मशाला की ज्योत्सना एस डढवाल की अदालत ने आरोपी बबलू कुमार निवासी अपर दत्तल पर दोष सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई। वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी सबूतों के अभाव में बरी किया गया है।
28 अप्रैल 2023 को पीड़िता के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा था कि पीड़िता, मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग है और अपने घर में अकेले रहती थी। शिकायत में बताया गया कि 21 अप्रैल 2023 को सुबह करीब सात बजे भाई ने देखा कि पीड़िता ने एक नवजात बच्चे को जन्म दिया है। पूछताछ पर वह कुछ नहीं कह सकी। इसके बाद गांव के लोगों और पुलिस थाना पंचरुखी को सूचित किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने डीएनए परीक्षण करवाया, जिससे आरोपी बबलू की ओर से दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इस मामले में चालान न्यायालय में पेश किया। इसके बाद न्यायालय ने सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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