उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा कार्निवल को केवल मनोरंजन या सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे समाज सुधार और जन-जागरूकता का प्रभावी माध्यम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और इससे निपटने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पिछले छह दिनों में किए कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना और नशे के विरुद्ध जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित की गई महानाटी में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया है। इस संदेश के माध्यम से काफी लोग प्रभावित होंगे। -तृप्ता देवी, देहरा
प्रशासन की ओर से नशे के विरुद्ध लड़ने के लिए एक अच्छी पहल की गई है। महिलाएं अपने घर गांवों में जाकर अन्य लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करेंगी। इससे जिला में नशे को कम करने की लड़ाई में मदद मिलेगी। -अनिता कुमारी, भवारना
प्रशासन की ओर से इस बार कार्निवल में करवाई गई गतिविधियां काफी रोमांचक थी। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को आगे आने का अवसर मिला है। इसके साथ ही बहुत सी नई चीजें भी सिखने को मिली है। साथ ही महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया है। -लता सूद, लंबागांव
कांगड़ा कार्निवल में पहली बार स्वयं सहायता समूहों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। इन प्रतियोगिताओं में हर महिला को कुछ न कुछ सीख जरूर दी है। इसके साथ ही सामूहिक कार्यक्रम से महिला के अंदर का डर और झिझक खत्म हुई है। -सिंपी रामोल्टा, लंबागांव