पालमपुर (कांगड़ा)। राष्ट्र्ीय कवि संगम हिमाचल की ओर से पालमपुर में कवि संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी कवि संगम के प्रदेशाध्यक्ष शक्ति चंद राणा और प्रदेश संरक्षक डॉ. सतेंद्र शर्मा की अगुवाई में हुई। इसका संचालन आशुतोष राय ने किया। संगोष्ठी के मुख्यातिथि एसडीएम पालमपुर बलवान चंद मंढोत्रा और डीएसपी विकास धीमान थे। जबकि, प्रेस क्लब अध्यक्ष संजीव बाघला बतौर विशेष अतिथि मौजूद रहे। इसमें करीब दो दर्जन कवियों ने अपनी कविताएं एवं रचनाएं प्रस्तुत कीं। इसमें सुमन शेखर ने आश्रम में प्रवेश करने का मन नहीं हुआ, रमेश कटोच ने मचा है चोरों ओर शोर, चुनावों का है जोर, जीतेगा वही जो होगा सबसे बड़ा चोर पर व्यंग्य किया। डॉ. संख्यान ने काली-काली बदली अंबर चढ़ी, ओम प्रकाश ने दो चूहों की तुलना की, मिलाप चंद ने मिंजो और चाह मेले दिखणे दा, कमलेश सूद ने अच्छा हुआ मित्र, संजीत सूद ने बाबा जी बाबा जी, आशुतोष राय ने चटकी रही तू कली, जितेंद्र शर्मा ने धौलाधार करे विचार, प्यार सिंह तोमर ने जब जेब होती है भारी तो बीवी करती
बातें प्यारी-प्यारी, उतरा ठाकुर ने जेड़े माऊं बुढे़ओ नहीं पुछदे, सुरेश दीक्षित ने तेरा मुझ पर कब अहसान, शारदा गौतम ने कई घरों के चुल्हे जला कर, अर्जुन कनोजिया ने अब किससे शिकायत है, शक्ति चंद राणा ने अपने महबूब से दिला मिला ले, हाकिम सिंह ने तुलसी कवि बनाए, जितेंद्र रजनीश ने ओर तू अपनी कहानी, त्रिलोक सूर्यवंशी ने रिड़िया-रिड़िया और मुस्कराई कर चली गई आदि पर अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। इसके अलावा अन्य कवियों ने अपनी व्यंग्य प्रस्तुत किए।