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HP Politics: जयराम ठाकुर बोले- सुख के नाम पर शुल्क की सरकार चला रहे हैं मुख्यमंत्री

Wed, 12 Aug 2026 11:15 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

 कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार जनता पर नए-नए कर और शुल्क थोप रही है, जिससे आम लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है।
 
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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 नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार सुख के नाम पर शुल्क की सरकार बन गई है। कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद से लगातार जनता पर नए-नए कर और शुल्क थोप रही है, जिससे आम लोगों का जीवन कठिन होता जा रहा है। बुधवार को जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को अपने फैसलों से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव की कोई चिंता नहीं है। बिना पर्याप्त विचार-विमर्श के लोगों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उद्योगों पर लगाए गए कुछ करों को लेकर उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाते हुए मनमाने आदेशों को निरस्त किया है और कराधान में संवेदनशीलता तथा विवेक बरतने की सलाह दी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार पहले ही डीजल पर दो बार वैट बढ़ा चुकी है और अब पेट्रोल तथा डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर सेस लगा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में इस प्रावधान पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह केवल एक प्रावधान है और इसे लागू नहीं किया जाएगा, लेकिन अब सरकार ने इसे लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए करों का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो जाती हैं। पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल की आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर है, ऐसे में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव आम लोगों पर अधिक पड़ेगा।

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अनाथ एवं विधवा सेस पर भी उठाए सवाल
नेता विपक्ष ने कहा कि सरकार अनाथ एवं विधवा सेस के नाम पर लोगों से अतिरिक्त धन वसूल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजस्व जुटाने के लिए लगातार नए शुल्क लगा रही है, जबकि जनता पहले से ही महंगाई का सामना कर रही है। सरकार की कर लगाने की प्रवृत्ति पर उच्च न्यायालय ने भी टिप्पणी की है और कराधान में संवेदनशीलता बरतने की जरूरत बताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की नीति को बंद किया जाए।
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