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Himachal BJP: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले- प्रदेश के इतिहास में पहली बार बजट आकार में कोई वृद्धि नहीं

Mon, 17 Mar 2025 10:18 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट पूर्णतया निराशा से भरा और विजन से कोसों दूर है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब बजट के आकार में पूर्ण बजट के मुकाबले कोई वृद्धि नहीं हुई है। 
 
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प्रदेश की कानून व्यवस्था के विरोध में धरना देते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और विधायक। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट अनुमान 2025–26 पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट पूर्णतया निराशा से भरा और विजन से कोसों दूर है। इस बजट में बुनियादी ढांचा के विकास के लिए कोई न कोई धनराशि है और नहीं प्रदेश सरकार कि किसी बड़ी योजना का कोई जिक्र है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब बजट के आकार में पूर्ण बजट के मुकाबले कोई वृद्धि नहीं हुई है। जब भी बजट प्रस्तुत किया जाता है तो उसमें सरकार की ओर से सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और भविष्य की चुनौतियों पर बात की जाती है, लेकिन वर्तमान बजट तथ्यों को छुपाने केंद्र सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने के लिए जानी जाएगी।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी वर्ष के बजट में पुराने वर्ष के बजट के मुकाबले मात्र 71 करोड़ यानी 0.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही आधारभूत ढांचे के विकास के लिए सरकार की ओर से मात्र 24 प्रतिशत की ही धनराशि खर्च की जाएगी। वर्ष 2018- 19 से 2022- 23 तक बजट में प्रति 100 रुपए पर विकास कार्यों पर खर्च क्रमशः 39 रुपए, 39 रुपए, 41.22 रुपए, 43.94 रुपए और 38 रुपए रहे हैं। लेकिन वर्तमान सरकार में विकास सहित अन्य कार्यों के लिए मात्र ₹24 रुपए रह गया है। बजट में सरकार के इसी रवैये से ही साफ है कि इस बार भी प्रदेश के विकास को प्राथमिकता नहीं मिली है।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की बात करें तो वह भी मुख्यमंत्री के बाकी दावों की तरह झूठी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कुल चार योजनाएं अपने और गांधी परिवार के नाम से शुरू की है, जिसमें से पहली इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना जिसके तहत सरकार ने मात्र डेढ़ करोड़ रुपए खर्च किए हैं। दूसरी योजना इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना इस योजना के तहत सरकार की ओर से मात्र 21 करोड़ 93 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। अब इस योजना में आयु की सीमा को 18 से बढ़ाकर 21 करने की साजिश की जा रही है। तीसरी योजना की बात करें तो सरकार की सुखाश्रय योजना है, जिसके तहत सरकार की ओर से 11 करोड़ 35 लख रुपए खर्च किए गए हैं। चौथी योजना राजीव गांधी स्टार्टअप योजना है जिसका लाभ देने के लिए कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव से पहले ही प्रदेश की युवाओं से फॉर्म भी भरवा लिया था के तहत 2 करोड़ 91 लख रुपए खर्च हुए। सभी योजनाओं पर कुल मिलाकर 37 करोड़ 70 लाख रुपए ही खर्च हुए हैं।
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