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Jairam Thakur: मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर बोले नेता प्रतिपक्ष, सनातन का अपमान कांग्रेस की विरासत और फितरत

Tue, 28 Jan 2025 04:41 PM IST
अंकेश डोगरा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के छुटभैये नेता से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक जब भी मौका मिलता है वह सनातन धर्म को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं।
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सनातन का हर प्रकार से अपमान करना कांग्रेस की विरासत और फितरत रही है। कांग्रेस के छुटभैये नेता से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक जब भी मौका मिलता है वह सनातन धर्म को अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। सनातन के विरोध में कांग्रेस के नेता सामान्य तर्कों और आंकड़ों को भी झुठलाते हैं। देश के लोगों द्वारा नकारे जाने से कांग्रेस की कुंठा सामने आ रही है और अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिर से सनातन के अपमान के रास्ते पर उतर आए।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के नेता आखिर देश के विकास को क्यों अनदेखा कर रहे हैं। क्या उन्हें दुनिया के सबसे ऊंचे रेल और मेहराब वाले चिनाब सेतु के ऊपर से गुजरते वंदे भारत का लोमहर्षक नज़ारे नहीं दिखाई दे रहे हैं? क्या कांग्रेस के नेताओं को देश में हर दिन हजारों करोड़ के शिलान्यास और लोकार्पण दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में हो रहे चौमुखी विकास कांग्रेस को क्यों नज़र नहीं आ रहा है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि महाकुंभ का यह संयोग 144 सालों बाद बना है। इस दौरान संगम पर डुबकी लगाने देश ही नहीं दुनिया से भी लाखों की संख्या में लोग आ रहे हैं। एक से बढ़कर एक उद्योगपति, व्यवसायिक क्षेत्रों में शीर्षस्थ लोग कुंभ में शामिल हो रहे हैं और दुनिया भर के लोगों से कुंभ आने और वहां की नैसर्गिकता का पुण्यलाभ लेने की अपील कर रहे हैं, लेकिन सनातन विरोधी कांग्रेसी नेता अनावश्यक आलोचना का कोई भी मौका नहीं गवां रहे हैं। कुंभ में अब तक 15 करोड़ से ज्यादा लोग स्नान कर चुके हैं। कल मौनी अमावस्या का शाही स्नान है, जिससे यह आंकड़ा बहुत बढ़ जाएगा। पूरे डेढ़ महीने के दौरान कुंभ में 40 से 45 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इतने लोग जब स्नान करने जाएंगे तो क्या इसका फायदा अर्थव्यवस्था को नहीं होगा। क्या देश के कोने-कोने से लोग बिना खर्च किए ही कुंभ में पहुंच जाएंगे। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु के घर से निकलने से लेकर घर पहुंचने के बीच हर कदम पर पैसा खर्च होता है। चाहे वह घर से ऑटो लेकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जाए, अपने गंतव्य स्थान तक जाए, गंगा में डुबकी लगाए, मंदिरों में माथा टेके, होटलों में रुके, खाना खाए, सभी चीजों में पैसा खर्च करता है और यह सारा पैसा बाज़ार पहुंचता है। इससे बाज़ार को गति मिलती है। अर्थव्यवस्था को फ़ायदा होता है। लोगों को रोजगार मिलता है, सरकार को टैक्स मिलता है। सिर्फ महाकुंभ से ही लाखों की संख्या में लोगों को हर दिन रोजगार मिल रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है। राजस्व की प्राप्ति हो रही है।

अगर यह सब कांग्रेस के नेताओं को नज़र नहीं आ रहा है तो उनका अर्थशास्त्र कमजोर है या तो उनकी सोच संकीर्ण है। इसी तरह के नैरेटिव कांग्रेस द्वारा राम मंदिर समेत अन्य मंदिरों को लेकर चलाया गया था। जिसका जवाब आंकड़ों ने दिया कि किस तरह से मंदिर से सिर्फ शहर नहीं जिले और प्रदेश का भी विकास हुआ और राजस्व अर्जन हुआ। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सनातन के प्रति अपना नजरिया बदले और सनातन का सम्मान करना सीखे।
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विवादित बयान बना मामला
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या गंगा में स्नान करने से गरीबी खत्म हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता कैमरों के लिए डुबकी लगाने की होड़ में जुटे हैं। महू में 'जय बापू, जय भीम, जय संविधान' रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि भाजपा नेता तब तक डुबकी लगाते हैं जब तक यह कैमरों में अच्छा दिखे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठा रहे हैं और अगर उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची हो, तो वह माफी मांगते हैं।

खरगे ने कहा कि मोदी के झूठे वादों के झांसे में न आएं। क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी खत्म होती है? क्या इससे आपका पेट भरता है? मैं किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठाना चाहता। अगर किसी को बुरा लगा हो, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने आगे कहा कि जब बच्चे भूख से मर रहे हैं, स्कूल नहीं जा रहे हैं, मजदूरों को उनकी मजदूरी नहीं मिल रही है, तब ये लोग हजारों रुपये खर्च कर गंगा में डुबकी लगाने की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
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