उत्तरप्रदेश पुलिस और पंजाब पुलिस के कारनामे तो जगजाहिर हैं, अब इनमें नाम जुड़ गया है हिमाचल पुलिस का। मामला, कुल्लू का है।
यहां तीन दिन पहले घर के आंगन से लापता हुए चार साल के बच्चे को तलाशने के बजाए पुलिस नशे में धुत होकर पीड़ित परिवार को धमकाने उनके ही घर पहुंच गई।
पुलिस ने परिजनों को डराया धमकाया ही नहीं, लापता बच्चे के पिता को घर से भी ले गई और रात करीब साढ़े 11 बजे उन्हें अंधेरे में बीच रास्ते उतार दिया।
पुलिस के इस रवैये से गुस्साए स्थानीय लोगों ने बुधवार को निरमंड थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े ग्रामीणों ने करीब सात घंटे तक चक्का भी जाम कर दिया। लोगों ने आरोपी एसएचओ से हाथापाई भी की।
तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर एसडीएम आनी भी मौके पर पहुंचे। तक जाकर ग्रामीण सड़क से हटे। दबाव में आरोपी तीनों पुलिस कर्मियों का मेडिकल कराने के बाद देर शाम को एसएचओ को भी सस्पेंड कर दिया गया।
लापता बालक सुमित के पिता भास्कर देव ने बताया कि रात को उनके घर एसएचओ सहित तीन पुलिस वाले आ धमके। सभी शराब के नशे में थे। वह उन्हें धमकाने लगे।
इसके बाद वे भास्कर देव और एक अन्य युवक को गाड़ी में बैठाकर ले गए और रात के अंधेरे में उन्हें कुछ दूर जाकर छोड़ दिया।
इस पर गुस्साए लोग बस अड्डा निरमंड में सुबह नौ बजे धरने पर बैठ गए और थाना के बाहर भी जमकर प्रदर्शन किया।
एसडीएम आनी नीरज गुप्ता ने निरमंड पहुंच कर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पुलिस की बदसलूकी की पूरी जांच होगी। निरमंड पंचायत के प्रधान राम कृष्ण शर्मा ने कहा कि पुलिस के अभद्र व्यवहार को लेकर ग्रामीणों में बहुत गुस्सा है।
उधर, एसपी कुल्लू अशोक कुमार का कहना है कि आरोपी एसएचओ सस्पेंड कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
बोरे में मिला बच्चे का शव
निरमंड गांव में घर के आंगन से तीन दिन पहले अचानक लापता हुए चार साल के बच्चे का शव बुधवार देर शाम एक बोरे में मिला। शव, गांव के साथ ही एक स्कूल के पास खेत में पड़ा था। बच्चे की हत्या की आशंका है।
एसडीएम आनी नीरज गुप्ता ने बताया कि बच्चे का शव बोरे में मिला है। एसपी कुल्लू अशोक कुमार ने कहा कि बच्चे की मौत कैसे हुई है, इसकी जांच के लिए एक्सपर्ट टीम शिमला से बुलाई गई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।