ऐसे काम करता है आईएमयू सेंसर
आईएमयू सेंसर तीन दिशाओं में होने वाले त्वरण और घूमने की गति से जुड़ा आंकड़ा रिकॉर्ड करता रहा, जबकि एक्सटेंसोमीटर से मिट्टी के वास्तविक विस्थापन का आंकड़ा लिया गया। आंकड़ों को एआई मॉडल में डालकर मिट्टी के खिसकने की मात्रा का अनुमान लगाया गया। एक्स-सेल में लिनियर रिग्रेशन, डिसीजन ट्री, रैंडम फॉरेस्ट, ग्रेडिएंट बूस्टिंग, सपोर्ट वेक्टर रिग्रेशन, के-नियरेस्ट नेबर और एक्सजीबूस्ट जैसे मशीन लर्निंग मॉडलों का इस्तेमाल किया गया। इन मॉडलों से मिले अनुमानों को एक्सजीबूस्ट आधारित मेटा-लर्नर ने एक साथ मिलाकर अंतिम अनुमान तैयार किया। शोध में मशीन लर्निंग के जरिये सेंसर डेटा से सीधे मिट्टी के विस्थापन का अनुमान लगाने की कोशिश की गई। अध्ययन में एक्स-सेल ने तीनों प्रयोगों को मिलाकर औसत आरएमएसई के आधार पर बेहतर संतुलित प्रदर्शन दिया।
भूस्खलन से पहले ढलान की मिट्टी में होने वाली सूक्ष्म हलचल महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है। हमारा प्रयास कम लागत वाले सेंसर और एआई की मदद से इन शुरुआती संकेतों को विस्थापन के रूप में समझना है। प्रयोगशाला के परिणाम उत्साहजनक हैं। -प्रो. केवी उदय, आईआईटी मंडी
एक्स-सेल कई मशीन लर्निंग मॉडलों की क्षमताओं को एक साथ जोड़कर सेंसर डेटा से मिट्टी के विस्थापन का अनुमान लगाता है। इस अध्ययन से यह संभावना सामने आती है कि एआई, कम लागत वाली सेंसर तकनीक के साथ मिलकर भविष्य में अधिक विश्वसनीय और सुलभ भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणालियों के विकास में उपयोगी हो सकता है।-प्रो. वरुण दत्त, आईआईटी मंडी