राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि एक जून को पेंशनर्स ने मुख्यालय घेराव करने को लेकर नोटिस दिया था। 7 जून को मुख्यमंत्री और प्रधान सचिव वित्त के साथ हुई संघ के पदाधिकारियों की बैठक में कुछ मांगों पर सहमति बनी, मगर अन्य मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी कर्मचारियों के मेडिकल बिलों के भुगतान को 20 करोड़ जारी करने, हर माह पेंशनर्स को 7 से 10 जून के बीच पेंशन खातों में जमा किए जाने का फैसला भी हुआ था। 16 जून बीत जाने पर अभी तक पेंशनर्स के खातों में पेंशन जमा नहीं हुई है। इस पर पेंशनर्स संघर्ष समिति ने फैसला लिया था कि मांगें पूरी न हुई तो, 18 जून से पेंशनर्स अपने अभिभावकों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे।
समिति के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मांगें पूरी न की गई तो समिति दस जुलाई 2026 से फिर से आंदोलन शुरू करेगी। राजेंद्र ठाकुर ने मांग उठाई कि 7 जून को मुख्यमंत्री और प्रधान सचिव के साथ हुई बैठक की लिखित कार्रवाई संयुक्त संघर्ष समिति को उपलब्ध करवाई जाए। एक माह के भीतर अन्य मांगों पर चर्चा करने और समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाई जाए। पिछली बैठक में मानी गई सभी मांगों, समय से पेंशन भुगतान, मेडिकल बिलों को भुगतान करने, के साथ ही सभी मांगें 10 जुलाई तक हर हाल में पूरी की जाएं। यदि ऐसा न किया गया तो पेंशनर आंदोलन शुरू कर देंगे। राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि इन मांगों की प्रति को निजी सचिव, मुख्यमंत्री, निजी सचिव, उपमुख्यमंत्री मुख्य सचिव (परिवहन),प्रधान सचिव (वित्त), उपायुक्त शिमला, पुलिस अधीक्षक जिला शिमला को भी प्रेषित किया गया है।