हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) मंडी के मंडलीय प्रबंधक ने चालक संजय कुमार के वायरल वीडियो में क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मपुर पर लगाए आरोपों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। सोमवार को मामला सामने आने पर एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने मामले की जांच का जिम्मा मंडलीय प्रबंधक मंडी विनोद ठाकुर को सौंपा है।
डीएम मंडी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर चालक की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक पर लगाए उत्पीड़न और चार माह से वेतन न मिलने के आरोपों को निराधार बताया। कहा कि उक्त चालक को नियम के तहत समय-समय पर वेतन मिलता रहा है। 12 जनवरी को चालक के परिवार ने फोन के माध्यम से संजय की ओर से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने के बारे में धर्मपुर बस अड्डा पर अवगत करवाया था। अब मामले को लेकर धर्मपुर बस डिपो के पूरे स्टाफ सहित परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी। सभी पहलुओं को जानने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उधर, यह भी सामने आया है कि जिस समय चालक को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, तब उनके परिवार ने बयान दिए थे कि वह पिछले चार दिन से लगातार शराब पी रहा था और परेशान था।
डीएम की ओर से तैयार रिपोर्ट के अनुसार चालक संजय जब रामपुर में कार्यरत था, तब बस हादसे के चलते उसे निलंबित किया था। उसकी बहाली धर्मपुर डिपो में तीन जून 2024 से हुई थी। बस दुर्घटना में दोषी पाए जाने पर क्षेत्रीय प्रबंधक धर्मपुर ने न्यूनतम जुर्माना लगाया था। विभागीय जांच के दौरान संजय सात दिसंबर से तीन जनवरी तक अवकाश पर रहा था। चार जनवरी को वह ड्यूटी पर उपस्थित हुआ। सात जनवरी को सुबह उक्त अर्जित अवकाश का प्रार्थना पत्र देकर बिना विभाग की स्वीकृति के घर चला गया था। उधर, डीएसपी पधर देवराज ने कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं करवाया गया है। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान पुलिस ने बयान दर्ज किए हैं।