एचपीयू कुलपति प्रो. महावीर सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को हुई विवि कार्यकारिणी परिषद (ईसी) बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ईसी ने प्राध्यापकों के स्थानांतरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। एचपीयू प्राध्यापक अध्ययन केंद्र धर्मशाला ट्रांसफर हो सकेंगे। सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी को राजस्व मामलों के निपटारे के लिए विवि में रखने का भी निर्णय लिया गया। उधर, बैठक के बाद विवि ने गोल्डन चांस को लेकर अधिूसचना कर दी है।
ईसी की बैठक में बीए, बीकॉम, बीएससी और शास्त्री कोर्स कर रहे छात्र-छात्राओं को गोल्डन चांस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन छात्रों ने जेबीटी, डीएलएड या अन्य कारणों से पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, उन्हें भी डिग्री पूरी करने का एक और मौका मिलेगा। सत्र 2020-21, 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25, 2025-26 तक के छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकेंगे। यह मौका डिग्री के लिए निर्धारित पांच वर्ष की अवधि पूरी करने वालों को मिलेगा। एक साल के अतिरिक्त मौके की सात हजार फीस होगी।
विश्वविद्यालय ने यूजी-पीजी स्तर पर कुछ अतिरिक्त अवसर भी देने का निर्णय लिया है। बीए, बीएससी, बीकॉम, शास्त्री और प्रभाकर पाठ्यक्रमों के बैच 1990-91 से लेकर अब तक, बीटीए, बीटीटीएम, बीपीई पाठ्यक्रमों के 2013-14 से लेकर अब तक, बीबीए, बीसीए, बीएड पाठ्यक्रमों के क्रमशः 2014-15 और 2015-16 सत्र के छात्रों को भी अपनी डिग्री पूरी करने और श्रेणी सुधार के लिए एक और अतिरिक्त अवसर प्रदान किया जाएगा।