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Himachal: बिजली बोर्ड में नए सिरे से तय होंगी अध्यक्ष से लेकर प्रमुख अभियंता की शक्तियां, बीओडी बैठक में फैसला

Thu, 25 Jun 2026 09:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

बिजली बोर्ड ने अपने अध्यक्ष से लेकर प्रमुख अभियंता तक की वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया है। बोर्ड ने निदेशक मंडल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी दी है।
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हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने अपने अध्यक्ष से लेकर प्रमुख अभियंता तक की वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया है। बोर्ड ने निदेशक मंडल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी दी है। इसके साथ ही गिरि पावर हाउस के आधुनिकीकरण और बद्दी में दो बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम (बीईएसएस) लगाने को भी हरी झंडी मिली है। इन फैसलों से बिजली बोर्ड के कामकाज में सुधार होगा और औद्योगिक क्षेत्र को लाभ मिलेगा। वित्तीय शक्तियों को नए सिरे से तय किया जाएगा। जल्द ही इसका पूरा मसौदा तैयार कर अधिसूचना जारी की जानी प्रस्तावित है। बैठक में गिरी पावर हाउस के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी गई। यह परियोजना 1978 में स्थापित की गई थी और इसकी क्षमता 60 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। तकनीकी बदलावों के कारण इसकी उत्पादन क्षमता लगातार घट रही थी, जिसे अब बेहतर स्थिति में लाया जाएगा। यह फैसला बिजली बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है।

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वित्तीय शक्तियों को विकेंद्रीकृत करने का लिया निर्णय

बिजली बोर्ड ने अध्यक्ष से लेकर चीफ इंजीनियर तक की वित्तीय शक्तियों को विकेंद्रीकृत करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को तेज और अधिक कुशल बनाना है। निदेशक मंडल ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दी है। नई वित्तीय शक्तियों का मसौदा तैयार होने के बाद जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। बद्दी में 10 मेगावाट और चार मेगावाट क्षमता के दो बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम (बीईएसएस) लगाने को भी मंजूरी दी गई है। इन सिस्टम को एनटीपीसी के माध्यम से स्थापित किया जाएगा। ऊर्जा भंडारण की एक ऐसी श्रेणी को संदर्भित करता है जो विद्युत आवेश को संग्रहित करने के लिए विशेष रूप से निर्मित बैटरियों का उपयोग करती है। यह तकनीक इलेक्ट्रोलाइट के माध्यम से कैथोड और एनोड के बीच आयनों की गति पर आधारित है। जब सिस्टम चार्ज होता है, तो यह विद्युत ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा के रूप में संग्रहित करता है। डिस्चार्ज के दौरान, एक रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जो संग्रहित ऊर्जा को वापस विद्युत परिपथ में छोड़ देती है। आधुनिक सिस्टम अत्यधिक कुशल होते हैं और न्यूनतम हानि के साथ लंबे समय तक ऊर्जा को बनाए रख सकते हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र में बिजली के नुकसान की प्रतिशतता को कम किया जा सकेगा।
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