शाला के लोकेंद्र पाल बने तहसीलदार
गरीब परिवार से संबंध रखने वाले लोकेंद्र पाल तहसीलदार बने हैं। वह मौजूदा समय में वह लेबर मिनिस्ट्री में ईओ तैनात हैं। वह नौकरी के साथ लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। इससे लोक निर्माण विभाग में जेई पड़ पर सेवाएं दे चुके हैं। कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं पास की, लेकिन अच्छे पद की चाह में उन्होंने नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी और अब हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक परीक्षा पास की है।
रोहांडा के फौजी के बेटे ने पास की एचएएस परीक्षा, बनेगा बीडीओ
सुंदरनगर की ग्राम पंचायत रोहांडा के गांव मझार निवासी फौज से सेवानिवृत्त हवलदार अनंत राम के बेटे मनोज ने हिमाचल प्रशासनिक सेवा (एचएएस) परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मनोज ने लगातार पांच प्रयासों के बाद यह सफलता हासिल की है और इस परीक्षा में 17वां स्थान प्राप्त किया है। एचएएस में चयन के बाद वह खंड विकास अधिकारी के पद पर नियुक्त होंगे।
मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले मनोज के पिता अनंत राम फौज से सेवानिवृत्त हवलदार हैं, जबकि उनकी माता शकुंतला गृहणी हैं। मनोज की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक स्कूल ओखल से हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहांडा से दसवीं और महावीर स्कूल सुंदरनगर से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने शिमला स्थित यूआईआईटी से बीटेक किया और बाद में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मार्केटिंग एंड फाइनेंस में एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एचएएस परीक्षा की तैयारी शुरू की और निरंतर प्रयास जारी रखे। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन चार से छह घंटे नियमित अध्ययन करते थे। खास बात यह है कि चार महीने पहले ही उन्होंने एलाइड सर्विसेज की परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी और उद्योग विभाग में प्रसार अधिकारी के पद पर चयनित हुए थे। मनोज ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अपने गुरुओं को दिया है।