नए पाठ्यक्रम में रटने की प्रवृत्ति को कम कर अवधारणात्मक समझ, कौशल आधारित शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण और व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष जोर दिया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र में सातवीं से लेकर 10वीं कक्षा तक का सिलेबस बदला जाएगा। इस बदलाव के लिए शिक्षा बोर्ड प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।