हिमाचल प्रदेश में अब पर्यटन को केवल गर्मी और सर्दी तक सीमित रखने के बजाय पूरे साल सक्रिय रखने की दिशा में सरकार नीति बनाने जा रही है। मानसून पर्यटन नीति तैयार करने की कवायद शुरू की जा रही है। इस नीति का उद्देश्य बरसात के महीनों को भी पर्यटन के लिहाज से आकर्षक बनाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को निरंतर गतिशील रखना है। गोबिंद सागर झील, कोल डैम, कांगड़ा, सुंदरनगर झील को टूरिज्म सर्किट से जोड़ा जाएगा। अक्सर जून से सितंबर तक के महीनों में राज्य का पर्यटन कारोबार धीमा पड़ जाता है। इस दौरान होटल, टैक्सी, होमस्टे और हस्तशिल्प कारोबार पर असर पड़ता है। अब सरकार इस ठहराव को अवसर में बदलने के लिए नीति स्तर पर काम कर रही है।