हम शिक्षक, कर्मचारी आशा करते हैं कि कृषि विश्वविद्यालय की भूमि का हस्तांतरण जल्द निरस्त हो जाए। मुख्यमंत्री से आग्रह करते हैं कि पर्यटन गांव कहीं और स्थापित किया जाए, ताकि कृषि विश्वविद्यालय की उन्नति में कोई बाधा न पहुंचे- डॉ. जनार्दन सिंह, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक का स्वागत करती है। सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार अब इस भूमि को शिक्षा और अनुसंधान के लिए संरक्षित रखने का फैसला करेगी- अभय वर्मा, अध्यक्ष, एबीवीपी, कृषि विवि पालमपुर
कृषि विवि गैर शिक्षक संघ इस फैसले पर खुशी जताता है। यह विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों और छात्रों की जीत है। अब हमें उम्मीद है कि सरकार इस निर्णय को स्थायी रूप से वापस लेगी- राजीव शर्मा, अध्यक्ष गैर शिक्षक कर्मचारी संघ