हिमाचल बिजली बोर्ड में अब निदेशक तकनीकी की मंजूरी के बाद ही अधीक्षण अभियंता और वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता छुट्टी पर जा सकेंगे। बिजली बोर्ड प्रबंधन के अनुसार एक वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता (विद्युत प्रणाली/उत्पादन) और उनके रिपोर्टिंग अधिकारी, अधीक्षण अभियंता, दोनों के एक साथ अवकाश पर जाने से विद्युत आपूर्ति नेटवर्क की नियमित निगरानी और विनियमन की प्रक्रिया बाधित हो रही है।
राज्य बिजली बोर्ड में अब निदेशक तकनीकी की मंजूरी के बाद ही अधीक्षण अभियंता और वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता छुट्टी पर जा सकेंगे। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने विद्युत निरीक्षण में चूक के बाद इंजीनियरों के लिए अवकाश नियमों को कड़ा कर दिया है। बोर्ड के अवर सचिव ने इस संदर्भ में सभी अधिकारियों को कार्यालय आदेश जारी किया है।
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बिजली बोर्ड प्रबंधन के अनुसार एक वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता (विद्युत प्रणाली/उत्पादन) और उनके रिपोर्टिंग अधिकारी, अधीक्षण अभियंता, दोनों के एक साथ अवकाश पर जाने से विद्युत आपूर्ति नेटवर्क की नियमित निगरानी और विनियमन की प्रक्रिया बाधित हो रही है। कार्यालय आदेश में कहा गया कि एक वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता ने अपने रिपोर्टिंग अधिकारी, अधीक्षण अभियंता से अवकाश अनुमोदन प्राप्त किया था, जो बाद में मुख्य अभियंता की सहमति से अवकाश पर चले गए। परिणामस्वरूप, उस प्रभाग की पूरी पर्यवेक्षी शृंखला अनुपस्थित रही, जिससे विद्युत उत्पादन और वितरण प्रणालियों के समन्वय और निगरानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। विद्युत प्रणाली संचालन की अनिवार्य और निरंतर प्रकृति को देखते हुए, बिजली बोर्ड प्रबंधन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है।
भविष्य में ऐसी किसी भी चूक को रोकने के लिए अब एक औपचारिक निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत कोई भी अधीक्षण अभियंता या वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता (विद्युत प्रणाली/उत्पादन) निदेशक (तकनीकी) से पूर्व और विशिष्ट अनुमोदन प्राप्त किए बिना छुट्टी पर नहीं जाएगा। इन निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लेने की चेतावनी भी जारी की गई है। कहा है कि इसका पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।