सुबह 9 बजे से पड्डल मैदान में जुटना शुरू हुई भीड़ और 10:30 बजे के बाद नेताओं के संबोधन ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस अब प्रत्यक्ष रूप से चुनावी मोड में आ चुकी है। कांग्रेस नेताओं के भाषणों में जयराम ठाकुर और भाजपा की नीतियां निशाने पर रहीं, जबकि अपनी सरकार की उपलब्धियों और गारंटियों को केंद्र में रखते हुए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की गई। करीब 12:30 बजे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंच पर पहुंचते ही साफ कहा कि यह मंच सिर्फ उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में संकल्प का प्रदर्शन है। उन्होंने दावा किया कि लड़ाई अभी जारी है और अब इसे युद्ध की दिशा में ले जाया जाएगा। इससे साफ हो रहा है कि कांग्रेस भाजपा के खिलाफ प्रत्यक्ष आक्रामक रणनीति की शुरूआत करने जा रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने मंच से स्थानीय भाजपा सांसद की कार्यशैली पर सवाल उठाए, जबकि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जनता से साफ अपील की कि 2027 को ध्यान में रखते हुए खुलकर कांग्रेस को समर्थन दें। उन्होंने कहा कि वह गारंटियों को भूले नहीं है और हर वादा पूरा किया जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रभारी रजनी पाटिल ने भी एकजुटता का संदेश दिया और साफ किया सब एक साथ मिलकर चलें तो हिमाचल को कहीं आगे ले जाया जा सकता है। कुल मिलाकर मंडी की यह रैली एक साधारण कार्यक्रम के बजाय कांग्रेस की ओर से भाजपा के पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र में दी गई बड़ी चुनावी चुनौती मानी जा रही है। अगले दो वर्षों में सुक्खू सरकार किन बिंदुओं को आगे बढ़ाती है, यह हिमाचल की राजनीति की दिशा तय करेगा।