शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबों के अभाव में पढ़ाई से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। ऐसे छात्रों को संबंधित स्कूल अपने फंड से मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराएंगे। नए शैक्षणिक सत्र के साथ सभी कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो चुकी है और विभाग सीबीएसई मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी क्रम में कक्षा नौवीं के सिलेबस में हुए बदलाव के कारण नई किताबों की आवश्यकता पैदा हुई है। समय कम होने और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा न आए, इसके लिए छात्रों को बाजार से नई पाठ्यपुस्तकें खरीदने की सलाह दी गई है। निदेशालय का मानना है कि इससे पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा और स्कूल समय पर नए पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षण कार्य शुरू कर सकेंगे।
आर्थिक तौर पर कमजोर छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
यदि कोई छात्र आर्थिक कारणों से नई किताबें खरीदने में सक्षम नहीं है, तो संबंधित विद्यालय का प्रधानाचार्य उसे स्कूल के उपलब्ध फंड से निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराएंगे। यदि किसी विद्यालय के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं तो वह कक्षा नौवीं के सभी विद्यार्थियों को भी मुफ्त किताबें उपलब्ध कराने का निर्णय ले सकता है।
15 दिन में देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करें। विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल इसलिए प्रभावित न हो क्योंकि उसके पास नए सिलेबस की किताबें उपलब्ध नहीं हैं।