इन परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने शेड्यूल भी जारी कर दिया है। वहीं परीक्षा के लिए शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान पौने दो लाख से अधिक विद्यार्थी बैठेंगे। इन विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए लंबा सफर तय न करना पड़े, इसके लिए शिक्षा बोर्ड ने इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की है। गत वर्ष हुई बोर्ड परीक्षाओं में 2,300 के करीब परीक्षा केंद्र हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से बनाए गए थे। इस बार अधिक परीक्षा केंद्र बोर्ड की ओर से गठित किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर उड़नदस्तों के साथ-साथ बोर्ड मुख्यालय से भी ऑनलाइन नजर रखी जाएगी। परीक्षाओं को लेकर स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस संदर्भ में बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि इस बार परीक्षा केंद्रों को बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि तक 2,390 परीक्षा केंद्रों का गठन वार्षिक परीक्षाओं के लिए किया गया है।
सूची के अनुसार इंटरडिसिप्लिनरी विभाग (आईवीएस) में दो प्रांतीय अभ्यर्थियों को पीएचडी में प्रवेश दिया गया है। भूगोल विभाग में एक, शारीरिक शिक्षा विभाग में तीन, रसायन विज्ञान विभाग में तीन और प्रबंधन विभाग में छह प्रांतीय अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। विश्वविद्यालय के डीन ऑफ स्टडीज कार्यालय ने सभी शिक्षण विभागों और संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि पीएचडी प्रवेश से जुड़ी काउंसलिंग और चयन प्रक्रिया वर्ष के अंत तक अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। जिन विभागों में अभी तक काउंसलिंग नहीं हुई है, वहां 30 और 31 दिसंबर को प्रक्रिया करवाई जाएगी। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया लंबित नहीं रहनी चाहिए। हालांकि, कुछ ऐसे विभाग भी सामने आए हैं, जिनमें काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लेकिन अब तक उनकी अंतिम मेरिट सूची वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे कई अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि चयन सूची शीघ्र वेबसाइट पर अपलोड की जाए।